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'मेरा काम सबको खुश करना नहीं है,' वैभव सूर्यवंशी को ना खिलाने के सवाल पर कोच गंभीर ने दी सफाई

भारत ने पहले तीन मैच जीतकर न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली है। गंभीर से पूछा गया कि सीरीज का परिणाम पहले ही तय हो जाने के बाद वह खिलाड़ियों को कैसे प्रेरित करेंगे। इस पर गंभीर ने कहा कि उनका काम सबको खुश करना नहीं है और लोकप्रिय फैसलों के बजाय सही फैसले लेना है।

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वैभव सूर्यवंशी के ना खेलने पर गौतम गंभीर ने दिया जवाब। फोटो- BCCI

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने रविवार को कहा कि उनका काम सबको खुश करना नहीं है और लोकप्रिय फैसलों के बजाय सही फैसले लेना है। भारत के पास मजबूत बेंच स्ट्रेंथ है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को खास मौके नहीं मिल रहे हैं। क्योंकि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा शीर्ष क्रम में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इन दोनों ने इस साल की शुरुआत में भारत को टी20 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा, 'पहली बात तो यह है कि मेरा काम सबको खुश करना नहीं है। मेरा काम सही फैसले लेना है, न कि लोकप्रिय फैसले। इसी के लिए मैं यहां हूं। उन्होंने कहा कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का समर्थन करना भी ड्रेसिंग रूम में सुरक्षा की भावना सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

'सही फैसले करना मुश्किल'

गंभीर ने कहा, लोकप्रिय फैसला करना बहुत आसान होता है, लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण बात सही फैसले करना और यह सुनिश्चित करना है कि ड्रेसिंग रूम में पर्याप्त सुरक्षा हो। जैसा आपने कहा कि टीम के पास बहुत प्रतिभा है लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि जो खिलाड़ी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं वे निश्चित रूप से अधिक अवसर के हकदार हैं। इस सीरीज में हम यही दृष्टिकोण अपना रहे हैं।

भारत ने पहले तीन मैच जीतकर न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली है। गंभीर से पूछा गया कि सीरीज का परिणाम पहले ही तय हो जाने के बाद वह खिलाड़ियों को कैसे प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा, जब आप देश के लिए खेल रहे होते हैं तो किसी तरह की आत्मसंतुष्टि नहीं होती है। हर कोई जानता है कि कुछ भाग्यशाली खिलाड़ियों को देश की तरफ से खेलने का मौका मिलता है। मेरा मानना है कि हर मैच कुछ अलग करने, कुछ सीखने और खुद को बेहतर बनाने का मौका होता है।

परिस्थितियों में खुद को ढालना काबिलेतारीफ

भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम व्यस्त कार्यक्रम के बाद न्यूजीलैंड पहुंची है। उसने हाल में अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज खेलने के साथ एशियाई खेलों में भी भाग लिया था। गंभीर ने कहा, हमें बहुत ही कम समय मिला। हमने 17 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतिम मैच खेला और 18 अक्टूबर को हमने यहां के लिए उड़ान भर दी। हम केवल एक सत्र में ही अभ्यास कर पाए। खिलाड़ियों ने जिस तरह से परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला, वह काबिलेतारीफ है।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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