Sawal Public Ka: राहुल गांधी को मोदी सरनेम वाले मामले में दो साल की सजा हो चुकी है। मानहानि के इस मामले में सजा होने के बाद उनकी सदस्यता जाएगी या रहेगी, इसे लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। टाइम्स नाउ नवभारत के 'सवाल पब्लिक का' शो में जब एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने कुछ इसी तरह का सवाल पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से किया तो उन्होंने भी बड़ा दावा कर दिया।
क्या कहा मुकुल रोहतगी ने
मुकुल रोहतगी ने कहा कि ऐसे मामले में सजा होते ही ऑटोमेटिक सदस्यता चली जाती है। सजा पाने वाले को 30 दिन का समय मिलता है, ताकि वो अपील कर सके और इस फैसले पर स्टे ले ले। उन्होंने कहा- "देखिए धारा 8(3) जनप्रतिनिधि कानून के तहत कोई भी एमपी या एमएलए, अगर उसे सजा होती है दो साल की या दो साल के ऊपर की तो अयोग्ता ऑटोमेटिक है।"
राहुल के पास क्या ऑप्शन
मुकुल रोहतगी ने आगे कहा कि राहुल गांधी के पास तीस दिन का समय है। अगर फैसला स्टे हो गया तो सदस्यता नहीं जाएगी और स्टे नहीं हुआ या राहुल गांधी ने अपील दायर करके स्टे नहीं मांगा या फिर स्टे नहीं मिला तो सदस्यता ऑटोमेटिक चली जाएगी।
