नई दिल्ली: नीट यूजी 2026 पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इसमें कॉजपा के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका शामिल थे। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इन मांगो में संगठन ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने और कथित तौर पर NEET पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन
CJP के प्रतिनिधिमंडल ने चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें संगठन की तीन प्रमुख मांगों के बारे में विस्तार से बताया गया था। यह मुलाकात उस समय हुई जब हजारों छात्र और समर्थक संसद मार्च के दौरान परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
नड्डा ने की ये अपील
जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने शाम करीब चार बजे उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपा। नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने की भी अपील की।
क्या हैं CJP की तीन प्रमुख मांगें
- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को बिना किसी शर्त और आवाजाही पर किसी प्रकार की पाबंदी लगाए बिना तत्काल रिहा किया जाए।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाए या उनसे इस्तीफा लिया जाए।
- NEET पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
संसद मार्च के दौरान पुलिस ने रोका
बता दें कि सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र और CJP समर्थक संसद की ओर मार्च निकालने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। हालांकि संसद मार्ग के पास पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग कर मार्च रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। बाद में जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से प्रदर्शनकारियों को हटाया गया। इसके बावजूद कई प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की बैठक भी चर्चा में
इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच करीब साढ़े तीन घंटे तक बैठक हुई। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह बैठक ऐसे समय हुई जब परीक्षा विवाद और छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है।
जून से जारी है आंदोलन
CJP ने 6 जून से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन शुरू किया था। संगठन का आरोप है कि NEET-UG 2026 पेपर लीक, CBSE कक्षा 12 के पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ियां और CUET परीक्षा में देरी जैसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती हैं। संगठन का कहना है कि इन मामलों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
वांगचुक 23 दिनों से भूख हड़ताल पर
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 20 जून को जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन से जुड़े थे। सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के बाद उन्होंने 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। सोमवार को उनकी भूख हड़ताल का 23वां दिन रहा। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। CJP ने इसे जबरन कार्रवाई बताते हुए उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग दोहराई है।
CJP ने बातचीत को बताया सकारात्मक
जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद CJP प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत को सकारात्मक बताया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जेपी नड्डा ने उनसे कुछ समय मांगा है ताकि वह कॉजपा की मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा कर सकें। रांका ने कहा कि सरकार से बातचीत का माध्यम स्थापित करने के लिए नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने रविवार देर रात ही उनसे संपर्क किया था। संगठन ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार करने की भी अपील की।
