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संजय राउत के घर की रेकी मामले में मुंबई पुलिस का एक्शन, जांच के लिए 8 टीमों का किया गठन

Sanjay Raut House Recce Case: संजय राउत के घर की रेकी के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मुंबई पुलिस ने इसकी जांच के लिए 8 टीमों का गठन किया। संजय राउत ने कहा कि मुझे एक मामले में जेल में डाल दिया था, फिर भी में दबा नहीं। अब इस तरीके से अगर मेरी आवाज बंद करना चाहते हैं तो वो भी ना मुमकिन है।

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संजय राउत

Photo : PTI

Mumbai News: शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत के भांडुप में मैत्री बंगले की दो अज्ञात व्यक्तियों ने शुक्रवार सुबह करीब 9.30 बजे रेकी की, जिसका वीडियो भी सामने आया है। कथित रेकी मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मुंबई पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए कुल 8 टीमों का गठन किया है।

'किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है यह घटना'

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस पूरे इलाके का फुटेज खंगाल रही है। साथ की आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस को अभी तक उन बाइक सवार लोगों की जानकारी नहीं मिल पाई है। हालांकि, इस मामले में अब तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस ने संजय राउत के बंगले की सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह घटना किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है। पूरी जांच की जा रही है।

बता दें कि रेकी को लेकर संजय राउत ने भाजपा पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि ये पहली बार नहीं हुआ है। मेरे दिल्ली में घर की रेकी बार-बार होती रही है। मैंने इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि मुंबई के भांडुप में मेरे घर की आज सुबह दो लोगों ने रेकी की है। अज्ञात व्यक्ति बाइक पर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस चाहते हैं कि जो उनके खिलाफ आवाज उठाएगा उसकी आवाज को दबा देंगे।

घर की रेकी के बाद क्या बोले सांसद संजय राउत

संजय राउत ने कहा कि मुझे एक मामले में जेल में डाल दिया था, फिर भी में दबा नहीं। अब इस तरीके से अगर मेरी आवाज बंद करना चाहते हैं तो वो भी ना मुमकिन है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुझ पर दबाव बनाने की बहुत कोशिश चल रही है। लेकिन हम संसद या बाहर जो काम करते हैं, वह इसलिए करते हैं कि ताकि देश की साख और लोकतंत्र बचा रहे। संजय राउत ने कहा कि देश ऐसे लोगों के हाथ में नहीं जाना चाहिए, जिससे देश के एक बार फिर टुकड़े हो जाएं। हमारे जैसे लोग देश में संघर्ष कर रहे हैं। हमारी आवाज कोई दबा नहीं सकता। हम कभी नहीं डरते, हम डरते नहीं यह उनका डर है।

राउत बोले- हम डरते नहीं, यह उनका डर है

शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत के भांडुप में स्थित बंगले की दो अज्ञात व्यक्तियों ने शुक्रवार सुबह करीब 9.30 बजे रेकी की। इस बीच संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। संजय राउत के घर के बाहर रेकी करते हुए दो शख्स सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। संजय राउत ने कहा कि ये पहली बार नहीं हुआ है। मेरे दिल्ली में घर की रेकी बार-बार होती रही है। मैंने इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर जानकारी दी है।

उन्होंने कहा कि मुंबई के भांडुप में मेरे घर की आज सुबह दो लोगों ने रेकी की है। अज्ञात व्यक्ति बाइक पर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस चाहते हैं कि जो उनके खिलाफ आवाज उठाएगा उसकी आवाज को दबा देंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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