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SAD Spilt: दो टुकड़ों में बंटी शिरोमणि अकाली दल, बढ़ीं सुखबीर बादल की मुश्किलें!

Trouble mounting for Sukhbir Badal: शिरोमणि अकाली दल पार्टी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है बताते हैं कि शिरोमणि अकाली दल दो टुकड़ों में बंट गया है।

Shiromani Akali Dal spilt in two pieces: शिरोमणि अकाली दल (SAD) नेताओं के एक समूह ने सुखबीर बादल से अलग बैठक की, एक बैठक सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ में जिला अध्यक्षों के साथ की एक अन्य बैठक आज जालंधर में प्रेम सिंह चंदूमाजरा, एसएस मलूका, बीबी जागीर कौर और परमिंदर सिंह ढींसा सहित अन्य नेताओं ने की।

लोकसभा चुनाव के बाद शिअद में आंतरिक कलह, क्योंकि शिरोमणि अकाली दल ने केवल बठिंडा सीट जीती शिअद में गुटबाजी से सुखबीर बादल के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

कांग्रेस के बाद भारत की दूसरी सबसे पुरानी पार्टी

गौर हो कि शिरोमणि अकाली दल ( SAD ) भारत के पंजाब में एक केंद्र-दक्षिणपंथी सिख -केंद्रित राज्य राजनीतिक दल है, यह पार्टी कांग्रेस के बाद भारत की दूसरी सबसे पुरानी पार्टी है जिसकी स्थापना 1920 में हुई थी।

कृषि बिलों को लेकर एनडीए छोड़ दिया था

वैसे तो अकाली दल के नाम से कई पार्टियाँ हैं, लेकिन भारत के चुनाव आयोग द्वारा 'शिरोमणि अकाली दल' के रूप में मान्यता प्राप्त पार्टी सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाली है। पार्टी का एक उदारवादी पंजाबी एजेंडा है और 26 सितंबर 2020 को उन्होंने कृषि बिलों को लेकर एनडीए छोड़ दिया था।

लोकसभा चुनाव में हरसिमरत कौर बादल को ही जीत का स्वाद चखने को मिला था

गौर हो कि पंजाब लोकसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल को इस बार बड़ा झटका लगा था, पंजाब की एकमात्र क्षेत्रीय पार्टी जिसका दावा था कि इस बार पार्टी काफी अच्छा करेगी, लेकिन पार्टी इसके विपरीत काम करती दिखाई दी और बठिंडा सीट से पार्टी की एकमात्र उम्मीद हरसिमरत कौर बादल को ही जीत का स्वाद चखने को मिला था।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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