Russia attacks Ukraine : क्रीमिया में एक पुल पर विस्फोट होने के बाद रूस ने यूक्रेन पर सोमवार सुबह जबर्दस्त पलटवार किया। राजधानी कीव शहर करीब यूक्रेन के करीब 12 शहरों पर रूस की मिसाइलें गिरी हैं। रूस ने अपने ताजा हमले में यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों एवं आधारभूत संरचना को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी हैं। रूस का यह प्रहार कितना भीषण है इसे इस बात से भी समझा जा सकता है कि करीब दो घंटों में 80 से ज्यादा मिसाइलें यूक्रेन के शहरों पर गिरी हैं। रूसी सेना ने ये मिसाइलें युद्धपोत से भी दागी हैं। यूक्रेन के जिन शहरों में ये मिसाइलें गिरी हैं। वहां भीषण तबाही हुई है। इमारतों एवं सड़क किनारें खड़ी कारों एवं वाहनों से आग एवं धुएं का बवंडर उठते देखा गया है। इन हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत होने की बात कही गई है जबकि करीब 100 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
क्रीमिया पुल पर हमला आतंकी कृत्य-पुतिन
बता दें कि गत शनिवार को क्रीमिया प्रायद्वीप को रूस से जोड़ने वाले एक पुल पर विस्फोट हुआ था, जिसके कारण पुल आंशिक रूप से ढह गया था। रूस इसी पुल के रास्ते दक्षिणी यूक्रेन में युद्ध के लिए सैन्य साजो-सामान भेजता है। रूस ने पुल पर हुए हमले के लिए यूक्रेन के विशेष बल को जिम्मेदार ठहराया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने इसे आतंकी कृत्य करार दिया है। रिपोर्टो के मुताबिक पुतिन ने कहा है कि 'क्रीमिया के पुल पर विस्फोट एक आतंकवादी कृत्य है। पुल पर हुए हमले के पीछे यूक्रेन का स्पेशल फोर्स है। यूक्रेन ने तुर्किये स्ट्रीम पाइपलाइन को भी विस्फोट से उड़ाने की कोशिश की।' पुतिन ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि रूस पर हमले यदि जारी रहे तो उनका पलटवार और भी घातक होगा।
ऊर्जा, सैन्य एवं संचार केंद्रों को बनाया निशाना
रॉयटर्स की रिपोर्ट में पुतिन के हवाले से कहा गया है कि यूक्रेन के ऊर्जा, सैन्य एवं संचार केंद्रों को निशाना बनाकर लंबी दूरी की मिसाइलें दागी गईं। ये कार्रवाई रूस पर आतंकी हमले रोकने के लिए हुई है। रूस ने यूक्रेन पर आज की अपनी कार्रवाई को 'स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन' कहा है।
रूस ने युद्ध अपराध किया-ईयू
वहीं, रूस के हमलों के बाद पश्चिमी देशों ने प्रतिक्रिया दी है। यूरोपीय संघ ने कहा है कि नागरिकों को निशाना बनाकर रूस ने 'युद्ध अपराध' किया है। यूक्रेन पर हुए हमलों के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से मदद मांगी। उन्होंने कहा है कि रूस उनके देश को धरती से मिटा देना चाहता है और उन्हें अपने देश की रक्षा के लिए फाइटर प्लेन एवं वायु रक्षा प्रणाली की जरूरत है। उन्होंने फ्रांस एवं जर्मनी से बात भी की है। जी-7 के नेता एवं राष्ट्रपति जेलेंस्की मंगलवार को आपात बैठक करेंगे।
गैस स्टेशनों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें
खारकीव के मेयर इहोर तेरेखोव ने बताया कि खारकीव में तीन बार हमला किया गया, जिससे विद्युत एवं जलापूर्ति बाधित हो गई। शहरों में बिजली कट गई है और गैस स्टेशनों के बाहर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। लोग दहशत में हैं और सुरक्षित जगहों पर जाना चाहते हैं। इससे पहले कीव में जून में हमला हुआ था। पहले के हमलों में कीव के बाहरी इलाकों को निशाना बनाया गया था, लेकिन इस बार शहर के बीचों-बीच स्थित कई जगहों को निशाना बनाया गया।
