ग्रामीण विकास और पंचायती राज से संबंधित संसदीय समिति की एक अहम बैठक मंगलवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। इस बैठक में ज़मीन अधिग्रहण और मुआवज़े से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी थी।सूत्रों के अनुसार, बैठक में जनजातीय कार्य मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय और कुछ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर और अभिनेता प्रकाश राज समेत 10 लोग शामिल थे।
हालांकि, बैठक के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसदों ने मेधा पाटकर की उपस्थिति पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मेधा पाटकर 'देशविरोधी' विचारधारा की समर्थक हैं। एक सांसद ने यहां तक कहा कि 'अगर इन्हें बुलाया जा सकता है, तो फिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को भी बुला लिया जाए।'
बहिष्कार के बाद बैठक में केवल 6 सदस्य ही बचे, जिससे समिति की कार्यवाही के लिए आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद उपस्थित मंत्रालयों के अधिकारी भी यह कहते हुए बैठक से बाहर चले गए कि कोरम के अभाव में चर्चा आगे नहीं बढ़ाई जा सकती।
