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PM के स्वदेशी अभियान के आह्वान पर मिला संघ का साथ, RSS खड़ा करेगा स्वदेशी का जन आंदोलन

हाल ही में प्रधानमंत्री के इस बात पर बोलने पर कि विदेशी वस्तुओं का बाजार भारत में बढ़ा हुआ है। RSS ने इस अभियान को समर्थन दिया और कहा कि जन जागरण अभियान शुरू करेगा। इसके तहत लोगों को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के प्रति जागकरूक किया जाएगा।

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स्वदेशी जागरण मंच शुरू करेगा जन जागरण अभियान (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Swadeshi Jagran Manch On Swadeshi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार की अपील करते हुए कहा कि हर गांव के व्यापारी यह प्रतिज्ञा लें कि वे विदेशी सामान नहीं बेचेंगे। प्रधानमंत्री के इस स्वदेशी आह्वान के बाद आरएसएस से जुड़ी संस्था स्वदेशी जागरण मंच इसे राष्ट्रीय आंदोलन बनाने की तैयारी कर रहा है। संघ जल्द ही 'स्वदेशी, सुरक्षा और स्वावलंबन अभियान' शुरू करेगा ।

प्रधानमंत्री का स्वदेशी आह्वान

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने यह कहा कि वो सभी देश भारत के विरोध में खड़े हैं, फिर भी भारतीय बाजारों में अपनी सस्ती चीजें भर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने पिचकारी से लेकर भगवान गणेश की मूर्ति तक का ज़िक्र कर संकेत साफ किया कि उनका निशाना चीन पर है। जिससे भारत में पिछले दो दशक से भारी मात्रा में सस्ता सामान आ रहा है।

सैन्य नहीं आर्थिक मोर्चे पर भी भारत हो मजबूत

संघ परिवार के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया है कि अब भारत केवल सैन्य मोर्चे पर ही नहीं बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। संघ का कहना है कि व्यापार और युद्ध साथ नहीं चल सकते। ऐसे में भारत को उन देशों से व्यापारिक दूरी बनानी चाहिए जिन्होंने हाल के संघर्षों में भारत विरोधी रुख अपनाया। भले ही देश में चीनी उत्पादों का बहिष्कार हो रहा हो पर चीनी सामान आज भी छद्म रूप में भारत आ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह बयान और संघ परिवार का अभियान समय की जरूरत बन गया है।

RSS शुरू करेगा जन जागरण अभियान

स्वदेशी जागरण मंच देशभर में इस अभियान को जनांदोलन बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। इसमें युवाओं, महिलाओं, स्टार्टअप्स, टेक्नोक्रेट्स, और शोध संस्थानों की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा। इसके तहत लोगों में जनजागरूकता फैलाई जाएगी। विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार को लेकर व्यापक जन जागरण किया जाएगा। व्यापारी प्रतिज्ञा अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें दुकानदारों और कारोबारियों से विदेशी वस्तुएं न बेचने की प्रतिज्ञा करवाई जाएगी। स्टार्टअप और MSME को बढ़ावा देकर मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी उत्पादन को प्राथमिकता दी जाएगी। टेक्निकल संस्थानों से विदेशी विकल्पों के स्वदेशी संस्करण विकसित करने की अपील भी की जाएगी। संघ परिवार ने स्पष्ट किया है कि स्वदेशी को अपनाए बिना आत्मनिर्भर भारत संभव नहीं। इसलिए सभी देशवासियों से आह्वान किया गया है कि वे इस यज्ञ में सहभागी बनें और 2047 तक भारत को एक विकसित, समृद्ध और स्वाभिमानी राष्ट्र बनाएं।

Himanshu Tiwari
हिमांशु तिवारीauthor

हिमांशु तिवारी एक पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का 16 साल का अनुभव है। मैंने अपना करियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में शुरू किया था लेकिन बाद में पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में शिफ्ट हो गया। पिछले 12 से अधिक वर्षों से बीजेपी, आरएसएस को कवर कर रहे हैं, कुछ आम चुनावों और कई विधानसभा चुनावों की सटीक रिपोर्टिंग भी की है। "सारी दुनिया एक मंच है" और इसलिए रंगमंच और नाटक लिखने में गहरी रुचि है।

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