RSS Coordination Meeting: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक लालसागर में 5 से 7 सितंबर तक आयोजित हुई। बैठक के उपरांत प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा, समाज और राष्ट्रीय जीवन से जुड़े मुद्दों सहित संघ शताब्दी वर्ष की तैयारियों पर जानकारी साझा की।
शिक्षा पर रहा विशेष फोकस
बैठक में शिक्षा क्षेत्र को प्रमुख एजेंडा बनाया गया। विद्या भारती, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, भारतीय शिक्षण मंडल और एबीवीपी जैसे संगठनों ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव प्रस्तुत किए।
- मातृभाषा में शिक्षा को प्राथमिक से उच्च स्तर तक प्रोत्साहित करने की दिशा में पहल
- भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा से जोड़ने के प्रयास
- पाठ्यपुस्तकों के पुनर्लेखन और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी
सामाजिक परिस्थितियों पर चर्चा
- बैठक में देश की सामाजिक चुनौतियों पर भी चिंता जताई गई।
- पंजाब में बढ़ते मतांतरण और युवाओं में नशाखोरी पर गंभीर चिंता।
- सेवा भारती और एबीवीपी द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियानों का उल्लेख।
- पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश से घुसपैठ और सुरक्षा संकट पर चर्चा।
- पूर्वोत्तर राज्यों में घटती हिंसा और बढ़ते विकास को सकारात्मक संकेत माना गया।
- मणिपुर में संवाद-आधारित शांति प्रयासों की सराहना।
जनजातीय समाज और नक्सल प्रभावित क्षेत्र
जनजातीय इलाकों पर हुई चर्चा में बताया गया कि नक्सली हिंसा में कमी आई है, लेकिन समाज को गुमराह करने के प्रयास अब भी जारी हैं। वनवासी कल्याण आश्रम की पहल और छात्रावासों के जरिए जनजातीय समाज तक शिक्षा और राष्ट्रीय विचार पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
शताब्दी वर्ष की योजनाएं
संघ ने 2025 के शताब्दी वर्ष को लेकर अपनी योजनाएं साझा कीं।
- पर्यावरण संरक्षण
- कुटुंब प्रबोधन
- नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता
महिला सहभागिता पर ज़ोर
सुनील आंबेकर ने कहा कि महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठनों में महिलाओं की भूमिका और प्रभावशाली होती जा रही है।
- क्रीड़ा भारती महिला खिलाड़ियों में योग और अध्ययन को बढ़ावा दे रही है।
- ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत 887 कार्यक्रम आयोजित किए गए।
संवेदनशील मुद्दों पर संघ का रुख
प्रेस वार्ता में काशी-मथुरा, मतांतरण और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर भी विचार रखे गए। आंबेकर ने कहा कि इनका समाधान संघर्ष नहीं बल्कि कानूनी प्रक्रिया और आपसी संवाद से निकाला जाएगा। भाषा के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में होनी चाहिए, सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान ज़रूरी है। अंग्रेज़ी का विरोध नहीं है, लेकिन भारतीय भाषाओं को शिक्षा और प्रशासन में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
6 सितंबर की रात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोकगायक अनवर खान ने प्रस्तुति दी। सरसंघचालक ने उन्हें सम्मानित भी किया।
