Rohini Acharya: बिहार चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद 'लालू फैमिली' में कलह की स्थिति पैदा हो गई है। शनिवार शाम रोहिणी आचार्य ने भावुक होकर कहा कि वो राजनीति और परिवार से नाता तोड़ रही हैं। लालू परिवार से अलग होने के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य एक के बाद एक गंभीर आरोप लगा रही हैं।
एक घंटे के भीतर उन्होंने सोशल मीडिया पर दो पोस्ट किए। दोनों पोस्ट में उन्होंने कई संज्ञीन आरोप लगाए। दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा कि कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी। इसके लिए करोड़ों रूपए और टिकट लिया, तब लगवाई गंदी किडनी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "सभी जो शादीशुदा बेटी और बहनों को मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा-भाई हो, तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं। अपने भाई , उस घर के बेटे को ही बोले कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे "
उन्होंने आगे लिखा, "सभी बहन-बेटियां अपना घर-परिवार देखें, अपने माता-पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे , अपना काम और अपना ससुराल देखें। सिर्फ अपने बारे में सोचें।"
उन्होंने कहा कि मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनो बच्चों को नहीं देखा , किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली। अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया, जिसे आज गंदा बता दिया गया। आप सब मेरे जैसी गलती , कभी , ना करे किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो"
एक घंटे में दूसरा पोस्ट
रोहिणी का यह दूसरा पोस्ट था। इससे पहले वाली पोस्ट में उन्होंने लिखा कि कल एक बेटी, एक बहन, एक विवाहिता और एक मां को अपमानित किया गया, उसे गंदी-गंदी गालियां दी गईं, उसे मारने के लिए चप्पल उठाई गई।
उन्होंने आगे लिखा, "मैंने अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया, मैंने सत्य का त्याग नहीं किया और केवल इसी कारण मुझे यह अपमान सहना पड़ा। कल एक बेटी, मजबूरी में, अपने रोते हुए माता-पिता और बहनों को छोड़कर चली आई।
रोहिणी ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने मुझे मेरे मायके से छीन लिया। उन्होंने मुझे अनाथ छोड़ दिया। आप में से कोई भी मेरे रास्ते पर कभी न चले, किसी भी परिवार में रोहिणी जैसी बेटी-बहन न हो।
लालू फैमिली में चल क्या रहा है?
दरअसल, राजनीतिक गलियारों में ऐसी भी चर्चाएं रही हैं कि तेज प्रताप यादव की परिवार से बेदखली को लेकर रोहिणी आचार्य नाखुश थीं। उन्हें यह ठीक नहीं लग रहा था कि बड़े भाई को पार्टी से भी निकाल दिया गया है।
हालांकि, वह विधानसभा चुनाव के दरमियां तेजस्वी यादव के लिए प्रचार करती रहीं। वहीं, रोहिणी खुद भी इस बार विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती थीं, लेकिन तेजस्वी यादव ने लालू यादव के फैसले को नजरअंदाज कर दिया। बता दें कि पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में रोहिणी आचार्य को राजद ने अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वो चुनाव हार गई थीं।
