Dehradun News: टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant Accident) के साथ शुक्रवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से उत्तराखंड जाते समय उनकी तेज रफ्तार कार रुड़की के पास डिवाइडर से टकरा गई और धूं-धूं कर स्वाहा हो गई। गनीमत ये रही कि समय रहते ही कुछ लोगों की मदद से पंत कार से बाहर निकल गए और उनकी जान बच गई। पंत फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और कहा जा रहा है कि उनकी हालत खतरे से बाहर है। हादसे के बाद इस अफवाह ने जोर पकड़ लिया कि पंत के पैसे और सामान को चोरी कर लिया गया है।
मैक्स में एडमिट हैं ऋषभ
इस बयान के बाद हरिद्वार पुलिस का बयान सामने आया है। SSP हरिद्वार अजय सिंह ने बताया, 'हमारी पुलिस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया और फिर इलाज के दूसरे अस्पताल में रिफर किया गया और दून स्थित मैक्स अस्पताल में शिफ्ट किया गया। साथ ही साथ उनकी मां को भी सूचना दी गई जो उनके साथ रवाना हुई। कुछ मीडिया पोर्टल्स पर यह खबर प्रसारित की जा रही है कि उनके पैसे, चैन या सामान लोगों ने लूट लिया था, जबकि यह कथन एकदम गलत है।'चोरी की बात बिल्कुल निराधार
SSP ने आगे बताया, 'चूंकि रोडवेज के कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को फोन कर दिया था और कुछ ही मिनटों में हमारी पुलिस भी पहुंच गई थी। जो उनके द्वारा पहना गया था, खासकर की प्लेटिनम, एक चैन और एक ब्रेसलेट था गोल्ड का, इसके अलावा चार हजार रुपये और उनके कपड़े उनकी मां को सौंप दिए गए थे। जिसके पुष्टि भी मेरे द्वारा उनके परिजनों से बात करके कर ली गई है। साथ ही साथ गाड़ी में से जो एक बैग मिला था जिसमें कुछ कपड़े थे वो भी उनके परिजनों को हमने दे दिए थे। मौके पर वहां मौजूद सीसीटीवी फुटेज भी हमने देखी लेकिन इस तरह का कोई वाकया नहीं आया वहां पर कि कोई लोग इस तरह की हरकत कर रहे हो। यह चोरी की बात बिल्कुल गलत है। मैं उनके परिजनों के संपर्क में हूं। ऐसी खबरें बिल्कुल निराधार हैं।'चालक और संवाहक सम्मानित
इस बीच हरियाणा राज्य परिवहन निगम ने क्रिकेटर ऋषभ पंत की जान बचाने वाले अपने एक चालक और संवाहक को शुक्रवार को सम्मानित किया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। हरियाणा राज्य परिवहन निगम के चालक सुशील कुमार और संवाहक परमजीत को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने क्रिकेटर ऋषभ पंत को दिल्ली-देहरादून राजमार्ग पर हुई सड़क दुर्घटना में उनकी लग्जरी कार में आग लगने के बाद उससे बाहर निकालने में मदद की थी।
