देश के पूर्व दिग्गज निशानेबाज, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले जसपाल राणा का आज 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में दो मेडल जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर के कोच भी रहे हैं। बताया जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्होंने दिल्ली के अस्पताल में अंतिम सांस ली।
मनु भाकर के कोच जसपाल राणा
जसपाल राणा पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली मनु भाकर के कोच थे। वह कोचिंग के दौरान अपने सख्त रवैये के लिए जाने जाते थे। बता दें कि मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो ब्रांज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। उस समय भी हर तरफ मनु भाकर के साथ ही कोच जसपाल राणा की भी तारीफेंहुईं।
उत्तराखंड के गढवाल अंचल से था नाता
आप जानते ही होंगे कि जसपाल राणा का संबंध पहाड़ी राज्य उत्तराखंड से था। जब-जब भी उन्होंने कोई मेडल जीता या उनके सिखाए किसी शूटर ने किसी मेडल पर निशाना साधा, तब-तब उत्तराखंड के हर निवासी का सीना चौड़ा हो जाता था।
नरेंद्र सिंह नेगी ने गाया गाना
जसपाल राणा ने कुआलालंपुर कॉमनवेल्थ गेम्स 1998 में इंडिविजुअल और टीम ईवेंट में दो गोल्ड मेडल जीते। उनकी इस उपलब्धि से हर कोई बहुत खुश था। इसी खुशी में उत्तराखंड के मशहूर सिंगर नरेंद्र सिंह नेगी ने जसपाल के नाम से साल 1999 में एक गाना गाया।
बुंदुकिया जसपाल राणा
नरेंद्र सिंह नेगी ने जसपाल राणा के गोल्ड मेडल जीतने पर जो गाना गाया, उसके बोल हैं - 'बंदुकिया जसपाल राणा सिद्ध साधि दे, निसाणों साधि दे... उत्तराखंड में बाग लागो, बाघ मारि दे।' इस गाने का सीधा मतलब ये है कि बंदूक वाले जसपाल राणा निशाना लगाकर बाघ मार दे,जो उत्तराखंड में लोगों को परेशान कर रहा है। दरअसल उस समय लैंसडाउन, दुगड्डा आदि इलाकों में बाघ का बड़ा आतंक था, स्थानीय लोगों की इच्छाओं को लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने आवाज दी।
दोहा एशियाई खेलों में जीते 4 मेडल
ज्ञात हो कि जसपाल राणा ने 2006 दोहा एशियन गेम्स में 3 गोल्ड और 1 सिल्वर मेल के साथ कुल 4 मेडल अपने नाम किए थे। इससे पहले कुलालंपुर कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने दो मेडल जीते थे।
