Akhilesh Yadav : अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित धांधली पर विपक्षी पार्टियां भारतीय जनता पार्टी और योगी सरकार पर हमलावर हैं। चढ़ावे में हुए गड़बड़झाले पर विपक्ष योगी सरकार पर निशाना साध रहा है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि 'भाजपा के लिए धर्म का मतलब सिर्फ धन है।' सपा नेता ने कहा कि सीसीटीवी से फुटेज गायब हो रहे हैं। डर है कि फुटेज सामने आ गया तो 'सीसी' का राज खुल जाएगा। अखिलेश ने कहा कि सीसी का मतलब 'चंदा चोरी है'।
लोकतंत्र में जनता ही असली ताकत -अखिलेश
अखिलेश ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही असली ताकत है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनावों में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। सपा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अखिलेश ने लखनऊ में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में विभिन्न जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की जनता सतर्क है और भाजपा का कोई छल, बल और चाल कामयाब नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा के 'झूठ और लूट' को समझ चुकी है।
'प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है'
अखिलेश ने कहा, 'प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महिलाएं, बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। कन्नौज, कौशांबी, प्रतापगढ़, गाजीपुर, हाथरस, कानपुर समेत तमाम जिलों में बच्चियों की निर्मम हत्याएं हुई हैं। पीड़ितों को न्याय नहीं मिला। भाजपा सरकार में दोषियों को बचाया जाता है और निर्दोषों के साथ अत्याचार होते हैं।' उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सपा सरकार में महिला सुरक्षा के लिए बनाई गई 1090 सेवा को निष्क्रिय कर दिया। अखिलेश ने कहा, 'भाजपा सरकार में फर्जी मुठभेड़ का डंका पीटा जा रहा है। लेकिन फर्जी मुठभेड़ से कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हो सकता है।'
अखिलेश बोले-महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार चरम पर
उन्होंने कहा, 'भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार चरम पर है। हर काम, हर विभाग में भ्रष्टाचार है। सरकारी धन की लूट हो रही है। जमीन पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। भू-माफियाओं को भाजपा सरकार का संरक्षण हासिल है। भाजपा को 2027 के विधानसभा चुनाव में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
