तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी बगावत के बीच पार्टी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ. बैद्यनाथ घोष ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वह पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उन्हें और उनकी पत्नी को दिए गए उपहार वापस कर देंगे। साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी और टीएमसी के कुछ नेताओं को कानूनी नोटिस भेजने की भी घोषणा की है।
बैद्यनाथ घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह अपनी शादी में उनकी पत्नी को उपहार में मिला सोने का हार और दुर्गा पूजा के दौरान उन्हें दिए गए कुर्ता-पायजामे वापस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इन उपहारों के लिए आभारी हैं, लेकिन हालिया घटनाक्रम और अपनी अंतरात्मा की आवाज को देखते हुए इन्हें लौटाना उचित समझते हैं।
मीडिया से बातचीत में बैद्यनाथ ने कहा कि पिछले पांच-छह वर्षों से ममता बनर्जी उन्हें हर दुर्गा पूजा पर पारंपरिक कुर्ता-पायजामा भेंट करती रही हैं। उन्होंने कहा कि वे सभी उपहार कोलकाता स्थित उनके कालीघाट आवास पर लौटाए जाएंगे।
ब्याज भी देने को तैयार
उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर दो वर्षों तक सोने का हार अपने पास रखने के लिए उन्हें ब्याज देना पड़े तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। बैद्यनाथ घोष ने कहा कि मुझे उनके जैसी व्यक्ति से कुछ भी नहीं चाहिए।
ममता बनर्जी समेत इन नेताओं को भेजेंगे नोटिस
बैद्यनाथ घोष ने टीएमसी और ममता बनर्जी पर झूठ बोलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हम ममता बनर्जी और सांसदों महुआ मोइत्रा और सौगत रॉय को कानूनी नोटिस भेजेंगे। हम चाहते हैं कि टीएमसी प्रमुख और अन्य लोग अपनी टिप्पणियां वापस लें। हम सोमवार या मंगलवार को ममता बनर्जी, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा, सौगता रॉय और सोनाली गुहा को कानूनी नोटिस भेजेंगे।
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एक महीने पहले ममता बनर्जी ने बिना नाम लिए लगाए थे आरोप
कोकिला घोष के बेटे ने कहा कि ममता बनर्जी ने लगभग एक महीने पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टीएमसी की एक सांसद का जिक्र किया था,जो अपने बेटे को चुनाव टिकट न मिलने के बाद पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रही थी। हालांकि उन्होंने मेरी मां या मेरा नाम नहीं लिया, लेकिन यह स्पष्ट था कि वह किसके बारे में बात कर रही थीं। हमने शिष्टाचारवश चुप्पी साधे रखी। बाद में, सौगता रॉय और महुआ मोइत्रा ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की। उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और अपने बयान वापस लेने चाहिए। अन्यथा, हम उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।
काकोली घोष कर रही हैं बगावत का नेतृत्व
गौरतलब है कि काकोली घोष दस्तिदार टीएमसी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने वाली पहली सांसद थीं। उन्होंने पार्टी की संगठनात्मक जिम्मेदारियों से इस्तीफा देने के बाद संसदीय दल में बगावत का नेतृत्व किया। फिलहाल वह करीब 20 असंतुष्ट सांसदों के साथ नई दिल्ली में हैं और यह समूह भाजपा नीत एनडीए को समर्थन देने की इच्छा जता चुका है। इससे टीएमसी के भीतर राजनीतिक संकट और गहरा गया है।
