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Rau IAS Coaching Flooded: दिल्ली कोचिंग हादसे में कब-क्या हुआ, दिल्ली पुलिस की FIR से समझें पूरी टाइमलाइन

Rau IAS Coaching Flooded: दिल्ली पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र नगर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 106 (1) (जल्दबाजी या लापरवाही में किए कार्य से किसी व्यक्ति की मौत का कारण बनना, जो आपराधिक मानव वध की श्रेणी में नहीं आता), 115 (2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने की सजा), 290 (इमारतों को गिराने, मरम्मत करने या बनाने के संबंध में लापरवाही) और धारा 35 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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Delhi Coaching Centre Flooding

Rau IAS Coaching Flooded: दिल्ली के राजेंद्र नगर स्थित IAS कोचिंग सेंटर हादसे के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और घटना की जांच के लिए कई कमेटी भी गठित की हैं। पुलिस ने राव आईएएस स्टडी सर्किल के मालिक और समन्वयक को भी गिरफ्तार कर लिया है और उन पर गैर इरादतन हत्या समेत अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। बता दें, इस कोचिंग सेंटर की इमारत के बेसमेंट में पानी भर जाने से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले तीन अभ्यर्थियों की मौत हो गयी थी।

उधर, दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पूरी घटना की जांच के लिए कई टीम गठित की गयी हैं। हमने दिल्ली दमकल सेवा से उस इमारत और बेसमेंट के बारे में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा है, जिसका उपयोग एक लाइब्रेरी के रूप में किया जा रहा था, लेकिन उसे स्टोर रूम बताया गया था। उन्होंने बताया कि बेसमेंट जमीन के स्तर से आठ फुट नीचे था और शनिवार शाम को उसमें 18 से ज्यादा छात्र मौजूद थे, जब भारी बारिश के बाद उसमें पानी भर गया था। आइए जानते हैं इस घटना में कब-क्या हुआ?

  • घटना शाम 6 बजकर 35 मिनट पर हुई, बारिश का पानी अचानक राव आईएएस स्टडी सेन्टर के बसेमेंट में भर गया।
  • घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस के एएसआई बीरेंद्र तुरंत मौके पर पहुँचे,लेकिन हालात बेहद खराब थे। जिसके बाद थाने में एसएचओ औऱ दूसरे अधिकारियों को जानकारी दी गयी।
  • फायर डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक करीब 7 बजकर 10 मिनट पर उन्हें कॉल मिली थी ।
  • फायर डिपार्टमेंट के आफिस घटनास्थल से करीब 1 किलोमीटर दूर प्रसाद नगर में है। इसलिए 7.15 तक फायर की टीम मौके पर पहुंच गयी थी।
  • फायर के अधिकारी के मुताबिक तुरंत बेसमेंट से पानी को पंप से निकालना शुरू किया गया। ऐसे हालात में डाइवर्स की मदद की जरुरत थी। इसलिए एनडीआरएफ को इस बात की सूचना दी गयी।
  • सूत्रों के मुताबिक, करीब 9 बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुचीं।
  • इलाके की बिजली काट दी गयी थी। इसलिए बड़ी टॉर्च से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
  • फायर विभाग के मुताबिक, रात करीब 10 बजकर 40 मिनट पर पहले छात्र की बॉडी निकाली गई।
  • दूसरी बॉडी रात करीब 11 बजकर 10 मिनट पर निकाली गई।
  • वहीं तीसरी बॉडी रात करीब 1 बजे एनडीआरएफ को मिली।

सीसीटीवी फुटेज देखेगी पुलिस

पुलिस विभाग में सूत्रों के अनुसार, बेसमेंट का प्रवेश द्वार बंद था, लेकिन बारिश के पानी के अत्यधिक बहाव के कारण यह क्षतिग्रस्त हो गया और पानी उसमें घुस गया। अधिकारी ने कहा, हम घटनाक्रम का पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद हम उन लोगों की पहचान करेंगे, जो घटना के दौरान संस्थान के करीब खड़े थे और उनके बयान दर्ज करेंगे। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) एम. हर्षवर्धन ने कहा, हमने राजेंद्र नगर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 106 (1) (जल्दबाजी या लापरवाही में किए कार्य से किसी व्यक्ति की मौत का कारण बनना, जो आपराधिक मानव वध की श्रेणी में नहीं आता), 115 (2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने की सजा), 290 (इमारतों को गिराने, मरम्मत करने या बनाने के संबंध में लापरवाही) और धारा 35 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Rau IAS Statement.

Rau IAS Statement.

राव IAS का आया बयान

पूरे मामले में राव IAS की तरफ से बयान सामने आया है। संस्थान की ओर से कहा गया है कि इस मुश्किल घड़ी में हम मृतक परिवारों के साथ खड़े हैं। राव आईएएस इस मामले में चल रही जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और हम निष्पक्ष जांच के पक्ष में हैं।

इनपुट - मोहित ओम

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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