देश

जिस चंपई सोरेन को कभी हेमंत सोरेन ने बनाया था अपना 'उत्तराधिकारी', वो हो गए बीजेपी में शामिल

चंपई सोरेन ने पहले ही ये स्पष्ट कर दिया था कि वो हेमंत सोरेन को छोड़कर बीजेपी के साथ जाएंगे। जेएमएम के पूर्व नेता को लेकर पिछल कुछ दिनों से अटकलें जारी थीं कि वो बीजेपी में शामिल होंगे। पहले तो चंपई मना करते रहे, फिर उन्होंने मान लिया कि वो बीजेपी में जा रहे हैं।

Image

बीजेपी में शामिल हुए चंपई सोरेन

KEY HIGHLIGHTS
  • सीएम पद से हटाए जाने से खफा थे चंपई सोरेन
  • जेल जाने के समय हेमंत सोरेने ने चंपई को बनाया था सीएम
  • जेल से बाहर आने के बाद चंपई को देना पड़ा था इस्तीफा

झारखंड के पूर्व सीएम और कभी हेमंत सोरेन के खास रहे चंपई सोरेन बीजेपी में शामिल हो गए हैं। चंपई सोरेन ने कुछ दिनों पहले ही साफ कर दिया था कि सीएम पद वापस लिया जाना, उनके लिए अपमानजनक था, इसलिए वो झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़ रहे हैं। बाद में चंपई सोरेन ने ये भी स्पष्ट कर दिया था कि वो हेमंत सोरेन को छोड़कर बीजेपी के साथ जाएंगे।

हेमंत सोरेन को बड़ा झटका

पूर्व जेएमएम नेता चंपई सोरेन ने आज दोपहर बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और झारखंड बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए। चंपई सोरेन के साथ-साथ उनके कई समर्थकों ने भी आज बीजेपी का दामन थाम लिया। चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने से हेमंत सोरेन को बड़ा झटका लगा है। कुछ महीनों बाद ही झारखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में बीजेपी को चंपई के रूप में ऐसा हथियार मिला है, जो JMM के किले में सेंध लगा सकता है।

हेमंत के थे विश्वासी

चंपई सोरेन हेमंत सोरेन के काफी करीबी लोगों में से एक थे। विश्वास इतना था कि जब 31 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हेमंत सोरेन को गिरफ्तार की तब चंपई को ही हेमंत सोरेन ने अपनी गद्दी सौंपी थी। चंपई सोरेन को ही मुख्यमंत्री बनाया था, जिसके बाद परिवार में विद्रोह भी हो गया था।

सीएम पद वापस लिए जाने का 'दर्द'

सोरेन के जेल में रहने तक चंपई सीएम रहे। 28 जून को हेमंत सोरेन को जमानत मिलने के बाद, चंपई को इस्तीफा देना पड़ा। यही वजह रही कि चंपई नाराज हो गए और पार्टी छोड़ने का फैसला करना पड़ा। चंपई सोरेन ने कहा- "इतने अपमान के बाद, मुझे एक वैकल्पिक रास्ता तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ा...क्या लोकतंत्र में इससे ज्यादा अपमानजनक कुछ हो सकता है कि किसी मुख्यमंत्री का कार्यक्रम किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा रद्द कर दिया जाए? बैठक (3 जुलाई को विधायक दल की बैठक) के दौरान, मुझसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article