Akhilesh Yadav: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक और 'धमाका' किया है। अपने X अकाउंट पर एक पोस्ट में अखिलेश ने मंदिर के चढ़ावे से ‘कागभुसुंडि’ के गायब होने की बात कही है। साथ ही उन्होंने एसआईटी जांच पर भी सवाल उठाए हैं। अखिलेश ने कहा कि 'FIR के बिना SIT बिना तीर की कमान है।' बता दें कि एसआईटी ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी है और इस रिपोर्ट में किसी भी आरोपी को क्लीनचिट नहीं दी गई है।
'आरोपी फरार न हो सकें, नेपाल बॉर्डर बंद करे सरकार'
अखिलेश ने कहा, 'अब दान में दिये गये ‘कागभुसुंडि’ के गायब हो जाने की निंदनीय खबर आई है। जिस तरह हर दिन ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी का नया भंडाफोड़ हो रहा है और सनातनी आस्थावानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, उसे देखकर नेपाल और बाकी बार्डर बंद कर देने चाहिए, जिससे आरोपी फरार न हो सकें। जब अभी खुलासे हो रहे हैं तो SIT की जांच क्या हासिल कर लेगी और खासतौर से तब जब ये ‘जांच’ से ज्यादा ‘ढाक’ के लिए बनी है या फिर ‘बांट’ के लिए।'
सरकार को SIT ने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी
अयोध्या में राम मंदिर दान के वित्तीय प्रबंधन में कथित हेराफेरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को उप्र सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को अपनी प्रारंभिक प्रतिवेदन रिपोर्ट सौंप दी। जांच दल का नेतृत्व कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। एसआईटी के अध्यक्ष और लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने पत्रकारों को बताया 'आज हमने शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी की जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) को सौंपी है। यह एक प्रारंभिक प्रतिवेदन है और उसी क्रम में आज इसे अपर मुख्य सचिव को सौंप दिया गया है।’
यह एक गोपनीय जांच हैं -पंत
गबन से जुड़े सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि यह एक गोपनीय जांच हैं और उसे बताने के लिए हम इस समय अधिकृत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जो हमारी जांच थी, वह हमने उपलब्ध करा दिया है। विजय विश्वास पंत ने फोन पर पीटीआई-भाषा को बताया कि, 'हमने अयोध्या विवाद पर अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।' जब उनसे पूछा गया कि क्या टीम आगे की जांच के लिए अयोध्या वापस जाएगी, क्योंकि आज की रिपोर्ट शुरुआती है, तो उन्होंने कहा कि 'बिल्कुल, जरूरत पड़ने पर हम ऐसा करेंगे।'
