Vande Mataram Bill Passes: संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण कानून को मंजूरी दे दी गई। भारी हंगामे और विपक्षी दलों के विरोध के बीच उच्च सदन ने 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' (National Honour Bill Passes) को पारित कर दिया। इस नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य देश के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' और अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान को एक संगीन आपराधिक अपराध बनाना है।
कानून का उल्लंघन करने वाले के लिए अधिकतम तीन साल की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। भोजन अवकाश के बाद जैसे ही उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही शुरू की और बिल पर चर्चा का प्रस्ताव रखा, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सांसद दिल्ली में नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब और उनकी मौजूदगी की मांग कर रहे थे।
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विपक्षी दलों का सदन से वॉकआउट
सदन में लगातार नारेबाजी के बावजूद उपसभापति ने चर्चा जारी रखी। जब केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले अपनी बात रख रहे थे, तब विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद बिना किसी बाधा के विधेयक को पारित कर दिया गया। बिल पास होने के बाद बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस ने बहस में नहीं लिया हिस्सा
उन्होंने कहा कि इस संशोधन के जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि देश के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का कोई अनादर न कर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस खुलकर तो इसका विरोध नहीं कर सकी, लेकिन चर्चा में भाग न लेकर उसने अपना रुख साफ कर दिया। यह नया विधेयक राष्ट्रीय ध्वज, संविधान, राष्ट्रगान और अब 'वंदे मातरम' जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा की रक्षा के लिए एक कड़ा कानूनी ढांचा तैयार करता है।
