टाइम्स नाउ नवभारत द्वारा उत्तराखण्ड को लेकर किए गए हालिया ग्राउंड सर्वे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और भाजपा सरकार के प्रति जनता का मजबूत भरोसा सामने आया है। सर्वे के मुताबिक, अगर मौजूदा जनमत चुनावी नतीजों में तब्दील होता है तो 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा में भाजपा को 54 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस को महज 14 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। यह आंकड़ा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के राजनीतिक रुझान का महत्वपूर्ण संकेत है।
सर्वे में उम्र, सामाजिक वर्ग और विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सीधे मतदाताओं से राय ली गई, जिसमें मुख्यमंत्री धामी को अलग-अलग वर्गों में उल्लेखनीय समर्थन मिला है।
महिला आरक्षण पर 88 फीसद समर्थन
सर्वे में महिलाओं को आरक्षण देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री धामी के निर्णय के साथ 88 फीसद लोगों ने पूर्ण समर्थन जताया, जबकि सिर्फ 5 फीसद ने पूर्ण विरोध किया। इसी तरह देवभूमि की पहचान और मूल स्वरूप को बचाने के सवाल पर 70 फीसद लोगों ने मुख्यमंत्री के प्रयासों का पूर्ण समर्थन किया। यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप की रक्षा को लेकर सरकार की नीति के प्रति जनसमर्थन को दर्शाता है।
हर वर्ग से मिल रहा समर्थन
सर्वे में सामाजिक वर्गों के आधार पर भी मुख्यमंत्री धामी को व्यापक समर्थन दिखाई दिया। बनिया/कायस्थ वर्ग में 57.3%, OBC में 50.6%, पंजाबी-सिख में 49.7%, ब्राह्मण वर्ग में 46.3%, राजपूत वर्ग में 46.1% और अनुसूचित जाति वर्ग में 45.3% समर्थन दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री धामी की स्वीकार्यता किसी एक सामाजिक वर्ग तक सीमित न होकर विभिन्न समुदायों में है।
हर आयु वर्ग के बीच धामी की छवि अच्छी
आयु वर्ग के आधार पर किए गए सर्वे में भी मुख्यमंत्री को हर पीढ़ी से समर्थन मिला। 18-25 वर्ष में 37.8%, 26-35 में 43%, 36-50 में 46.8%, 51-60 में 50.3% और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 51.8% लोगों ने मुख्यमंत्री धामी के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
हर मुद्दे पर मिल रहा समर्थन
सर्वे के आंकड़े इस बात की ओर संकेत करते हैं कि समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, महिला सशक्तिकरण, देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा, विकास और सुशासन से जुड़े निर्णयों ने मुख्यमंत्री धामी की स्वीकार्यता को विभिन्न सामाजिक और आयु वर्गों तक पहुंचाया है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को 54 और कांग्रेस को महज 14 सीटों का अनुमान मिलना धामी सरकार के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है। सर्वे का व्यापक संदेश यह है कि उत्तराखण्ड में विकास के साथ अपनी संस्कृति, पहचान और मूल स्वरूप की रक्षा को प्राथमिकता देने वाली सरकार के प्रति जनता का भरोसा मजबूत बना हुआ है।
