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राजस्थान में बड़ी सियासी हलचल: इस दिग्गज नेता ने BJP से दिया इस्तीफा, चार महीने पहले ही छोड़ा था कांग्रेस का साथ

Khiladi Lal Bairwa resigned from BJP: कांग्रेस के पूर्व विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा इसी साल मार्च में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। अब उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए कहा है कि मेरी विचारधारा उनसे मेल नहीं खाती। इसलिए उन्होंने बीजेपी छोड़ दी है।

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खिलाड़ी लाल बैरवा।

Photo : ANI

Khiladi Lal Bairwa resigned from BJP: राजस्थान में बड़ी सियासी हलचल हुई है। दिग्गज नेता व पूर्व विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बैरवा ने अपना इस्तीफा भाजपा प्रदेश अध्यख को भेजा है। उन्होंने जपा की विचारधारा से सहमत न होने की बात कही है और भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को इस्तीफा भेजने की पुष्टि की है।

बता दें, कांग्रेस के पूर्व विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा इसी साल मार्च में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। अब उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए कहा है कि मुझे भाजपा से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन मेरी विचारधारा उनसे मेल नहीं खाती, इसलिए मैंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

कांग्रेस से टिकट न मिलने से थे नाराज

बैरवा को 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया जिसके बाद उन्होंने बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ा। इस साल मार्च में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर जयपुर में भाजपा का दामन थामा था। वह, पूर्व मंत्री राजेंद्र यादव और लाल चंद कटारिया, पूर्व कांग्रेस विधायक रिछपाल मिर्धा और विजयपाल मिर्धा समेत अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ भाजपा में शामिल हुए थे।

कांग्रेस में दोबारा शामिल होने पर दिया यह जवाब

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट के करीबी माने जाने वाले खिलाड़ी लाल, पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। भाजपा से इस्तीफा देने के बाद उनके दोबारा कांग्रेस में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बैरवा ने सचिन पायलट को अपना नेता बताया है। उन्होंने कहा, सचिन पायलट से उनकी बात होती रहती है। कांग्रेस में फिर से शामिल होंगे या नहीं? इस पर उन्होंने कहा कि आने वाला वक्त बताएगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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