Rajasthan News: राजस्थान की भजन लाल शर्मा की सरकार को आज करीब 20 मंत्री मिल जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित इस सूबे में मंत्रिमंडल का गठन होगा और राजधानी जयपुर में दोपहर तीन बजकर 15 मिनट पर शपथ ग्रहण समारोह होगा। मंत्री बनने वाले निर्वाचित विधायकों को राज्यपाल पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
मंत्रियों के नाम पर लग गई मुहर!
राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार शनिवार को होने जा रहा है। इससे पहले मंत्रियों की सूची पर पार्टी आलाकमान से विचार-विमर्श करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे थे। सीएम भजनलाल शर्मा ने देर रात पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर प्रदेश में मंत्रिपद की शपथ लेने वाले संभावित नामों पर चर्चा की। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान शनिवार को जयपुर में मंत्रिपद की शपथ लेने वाले नेताओं के नाम पर अंतिम मुहर लग गई।
चुनाव परिणाम के 27 दिन बाद मिलेंगे नए मंत्री
मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों की शपथ के बाद अब प्रदेश को करीब 20 मंत्री मिल सकते हैं।चुनाव परिणाम के 27 दिन बाद राजस्थान को नए मंत्री मिलेंगे। राजभवन में दोपहर 3:15 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, सहित संगठन के बड़े नेताओं से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मुलाकात हुई। मंत्रिमंडल विस्तार में जातिगत, क्षेत्रीय के साथ कम औसत उम्र के संतुलन का फार्मूला अपनाया जा सकता है। मंत्रिमंडल में आधे से ज्यादा पिछड़े वर्ग को तवज्जो देने के आसार हैं। जिनकी संख्या करीब 10 से 12 हो सकती है।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का क्या होगा?
जयपुर से मंत्री बनने की उम्मीद कम है, क्योंकि पूर्व में मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री जयपुर की ही विधानसभा सीटों से जीते हुए। हालांकि जयपुर से राज्यवर्धन राठौड़ को भी कुछ अहम जिम्मेदारी सकती है। पिछली सरकार में नेता प्रतिपक्ष रहे राजेंद्र राठौड़ का नाम भी चर्चा में है। हालांकि चुनाव हारने के बाद भी राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया को जिम्मेदारी मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। वरिष्ठ नेता कालीचरण सराफ, बाबा बालक नाथ और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ पर आज हो स्थिति स्पष्ट जाएगी। दिप्ती माहेश्वरी, नोक्षम, कल्पना देवी और सिद्धि कुमारी में से किसी दो को मंत्री बनाया जा सकता है।
ये हैं प्रमुख संभावित चहरे
- मदन दिलावर- (संघनिष्ठ, हिंदुत्ववादी चेहरा, पूर्व मंत्री)
- डॉ. किरोड़ीलाल मीणा- (वरिष्ठ नेता, आंदोलकारी चेहरा, दोनों सदनों में सांसद और राज्य की पिछली सरकारों में मंत्री का अनुभव)
- महंत प्रताप पुरी- (तारामठ के महंत, राजपूत, पहली बार विधायक)
- जोगाराम पटेल- (3 बार विधायक, गुजरात बॉर्डर के पटेल वोटों पर प्रभाव)
- जोराराम कुमावत- (वरिष्ठ, अनुभवी, जातीय गणित)
- अनिता बधेल- (5वीं बार विधायक, महिला और SC चेहरा, पूर्व मंत्री)
- सुरेश रावत- (ब्रह्मा जी की नगरी और तीर्थ स्थली पुष्कर से, क्षेत्र में अच्छी पकड़, तीसरी बार विधायक)
- पब्बाराम विश्नोई- (वरिष्ठ और जातीय आधार)
