Raja Raghuvanshi Murder Case: राजा रघुवंशी मर्डर केस में मेघालय पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस मामले में तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया है। मेघालय के सीएम ने एक्स पर यह जानकारी दी। सीएम कोनराड संगमा ने कहा, राजा हत्याकांड में 7 दिनों के भीतर मेघालय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के रहने वाले 3 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक महिला ने आत्मसमर्पण कर दिया है और एक अन्य हमलावर को पकड़ने के लिए अभियान अभी भी जारी है।
गाजीपुर में सोनम रघुवंशी ने किया सरेंडर
मेघायल डीजीपी के मुताबिक सोनम रघुवंशी ने गाजीपुर में सरेंडर किया है। वह करीब 17 दिनों से लापता थी। राजा रघुवंशी की पहले ही हत्या कर दी गई थी और सोनम लापता थी। दोनों के परिजनों ने इस मामले पर सीबीआई जांच की मांग की थी। डीजीपी ने बताया कि सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि तीन अन्य हमलावरों को रात भर की छापेमारी में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया, जबकि दो अन्य आरोपियों को एसआईटी ने इंदौर से पकड़ा।

सोनम रघुवंशी गिरफ्तार
यूपी पुलिस ने की पुष्टि, कहा- मेघालय पुलिस करेगी जांच
वहीं, लखनऊ एडीजी लॉ एं ऑर्डर अमिताभ यश ने कहा, सोनम रघुवंशी पुत्री देवी सिंह रघुवंशी सिंह गोविंदनगर खाड़सा इंदौर मध्यप्रदेश उम्र करीब 24 वर्ष, आज रात वाराणसी गाजीपुर मुख्य मार्ग के किनारे स्थित काशी ढाबे पर मिली थी। उसे शुरुआती उपचार के लिए सदर हॉस्पिटल भेजा गया और इसके बाद वन स्टॉप सेंटर में रख गया है। अभी विवेचना मेघालय पुलिस कर रही है, आगे की कार्रवाई मेघालय पुलिस ही करेगी, पूछताछ में सभी बातें क्लियर हो जाएंगी।
वहीं, सोनम रघुवंशी के पिता देवी सिंह ने कहा कि शादी दोनों परिवारों की सहमति से हुई थी और वहां (मेघालय) की सरकार पहले दिन से ही झूठ बोल रही है... मेरी बेटी कल रात गाजीपुर में एक ढाबे पर आई थी और उसने अपने भाई को फोन किया था। पुलिस ढाबे पर गई और उसे वहां से ले जाया गया। मैं अपनी बेटी से बात नहीं कर पाया हूं। मेरी बेटी ऐसा काम क्यों करेगी? मेघालय पुलिस पूरी तरह झूठ बोल रही है। मैं गृह मंत्री अमित शाह से CBI जांच की अपील करता हूं...मेरी बेटी 100% बेगुनाह है।
उधर गाजीपुर में ढाबे वाले ने बताया कि रात 1 बजे का मामला है, सोनोम ने हमें बोला कि भईया को कॉल करना है। हमने अपना मोबाइल दिया और उसने अपने घर कॉल किया। हमने फिर पुलिस को कॉल करके जानकारी दी।
20 मई को हनीमून के लिए शिलांग गए थे दोनों
सोनम और राजा रघुवंशी 20 मई को हनीमून के लिए शिलांग गए थे। 23 मई को नोंग्रियाट गांव के डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने के बाद दोनों लापता हो गए। 2 जून को राजा का शव सोहरा के पास वेईसावडॉन्ग झरने की खाई से बरामद हुआ और पोस्टमॉर्टम में हत्या की पुष्टि हुई। सोनम का अब तक कोई सुराग नहीं मिला। सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने मेघालय सरकार और शिलांग पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि शिलांग पुलिस ने पहले दिन से ही इस मामले में लापरवाही बरती। अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद मेरी बेटी आज सुरक्षित होती।
देवी सिंह ने कहा कि एक्टिवा स्कूटी में सोनम का रेनकोट, राजा की टी-शर्ट, और मोबाइल था, जो सीसीटीवी में दिखा। फिर ये सामान शव के पास कैसे पहुंचा? शव 200 फीट गहरी खाई में कचरे के ढेर पर मिला, जबकि हत्या ऊपर हुई। हथियार भी शव के पास मिला। अगर पुलिस सक्षम होती, तो सबूत नष्ट नहीं होते। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर शिलांग में पर्यटक आते हैं, तो क्या सरकार को उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए? खतरनाक पहाड़ों और गहरी खाइयों वाली जगह पर पुलिस या गार्ड क्यों नहीं तैनात हैं?
