अप्रैल में अहमदाबाद में होने वाले दो दिवसीय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) अधिवेशन से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी 7 और 8 मार्च को गुजरात का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पार्टी संगठन को मजबूत करना और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना है। राहुल गांधी इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं, जिला और बूथ स्तर के नेताओं से मिलकर कांग्रेस की चुनावी तैयारियों पर चर्चा करेंगे।
गुजरात कांग्रेस के पुनर्निर्माण की कवायद
गुजरात कांग्रेस को 2022 के विधानसभा चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा था, जहां भाजपा ने 182 में से 156 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस महज 17 सीटों पर सिमट गई थी। इस पराजय के बाद पार्टी के भीतर आत्ममंथन की आवश्यकता महसूस की गई। अब 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी को मजबूत करने के लिए यह बैठक अहम मानी जा रही है।
राहुल गांधी ने पिछले साल 6 जुलाई को अहमदाबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि वे मिलकर गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को हराने के लिए एक संगठित रणनीति बनाएंगे। उनके अनुसार, कांग्रेस का उद्देश्य जनता के मुद्दों को उठाना और भाजपा की ‘जनविरोधी नीतियों’ के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना है।
अहमदाबाद कांग्रेस अधिवेशन: पार्टी की भावी रणनीति पर मंथन
8 और 9 अप्रैल को गुजरात में कांग्रेस का अधिवेशन होगा, जिसमें देशभर के AICC प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस बैठक में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा, भाजपा की आर्थिक नीतियों, सामाजिक न्याय और बेरोजगारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पहले ही इस अधिवेशन की तैयारियों का जायजा लिया है।
इस अधिवेशन का मुख्य एजेंडा होगा:
1. संविधान और लोकतंत्र की रक्षा: भाजपा पर लगातार संविधान विरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए कांग्रेस इस मुद्दे को अपने एजेंडे में प्रमुख स्थान देगी।
2. आगामी चुनावों की रणनीति: लोकसभा चुनाव 2029 और 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा होगी।
3. पार्टी संगठन को मजबूत करना: बूथ स्तर तक संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी।
AICC सत्र की शुरुआत 8 अप्रैल को विस्तारित कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक से होगी, जिसके बाद 9 अप्रैल को AICC प्रतिनिधियों की बैठक होगी। इन सत्रों की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे, और इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और AICC प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह AICC सत्र बेलगावी विस्तारित CWC बैठक (नव सत्याग्रह बैठक) के प्रस्तावों की निरंतरता के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इस बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह 1924 के कांग्रेस सत्र में महात्मा गांधी के अध्यक्ष बनने की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है।
संविधान बचाओ पदयात्रा: कांग्रेस की नई पहल
कांग्रेस ने आगामी वर्षों में 'संविधान बचाओ राष्ट्रीय पदयात्रा' शुरू करने की भी घोषणा की है, जो 26 जनवरी 2025 से 26 जनवरी 2026 के बीच आयोजित होगी। इसका उद्देश्य संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण पर जागरूकता बढ़ाना होगा। कांग्रेस का यह अभियान भाजपा सरकार की कथित नीतियों के खिलाफ एक बड़ा जनसंपर्क अभियान साबित हो सकता है।
राहुल गांधी का गुजरात दौरा और आगामी कांग्रेस अधिवेशन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है। कांग्रेस इस मंच से अपनी रणनीति को मजबूती से पेश कर करेगी और कार्यकर्ताओं में नया जोश भर सकेगी। 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों को देखते हुए, यह अधिवेशन कांग्रेस के लिए नई दिशा तय कर सकता है।
