लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 2018 के एक मानहानि मामले में सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए उन पर लगे आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया। राहुल गांधी आज करीब आधे घंटे कोर्ट में मौजूद रहे। यह मामला कर्नाटक चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़ा है वादी भाजपा नेता विजय मिश्रा और दो गवाहों से जिरह की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
राहुल गांधी ने इस दौरान कहा कि 'मुझ लगे सभी आरोप राजनीतिक हैं...', यह मामला अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। बता दें कि
कोर्ट ने राहुल गांधी को आखिरी मौका देकर तलब किया था। वहीं कोर्ट ने अगली तारीख 9 मार्च दी है।
राहुल गांधी सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे और बयान दर्ज कराने के बाद वे तुरंत लखनऊ लौट गए। उनके आगमन को देखते हुए दीवानी न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
मामला अक्टूबर 2018 का है
यह मामला अक्टूबर 2018 का है भाजपा नेता विजय मिश्रा ने आरोप लगाया था कि अगस्त 2018 में कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उसी बयान को आधार बनाकर सुल्तानपुर अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था।
राहुल गांधी के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हुआ था
बीते पांच वर्षों से यह मामला अदालत में विचाराधीन है। दिसंबर 2023 में गैरहाजिरी के चलते राहुल गांधी के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हुआ था। इसके बाद 20 फरवरी 2024 को उन्होंने अदालत में सरेंडर कर जमानत ली थी,कोर्ट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो निजी मुचलकों पर जमानत प्रदान की थी।
धारा 499 और 500 के तहत मुकदमा दर्ज
राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत मुकदमा दर्ज है। धारा 499 मानहानि से संबंधित है, जबकि धारा 500 में अधिकतम दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
आज की पेशी को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानि मामले में सजा सुनाए जाने के बाद उनकी संसद सदस्यता रद्द हुई थी, हालांकि बाद में उच्च न्यायालय से राहत मिलने पर सदस्यता बहाल हो गई थी। आज की पेशी को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, अदालत में दर्ज होने वाला बयान इस बहुचर्चित मामले की आगे की दिशा तय कर सकता है।
राहुल गांधी रामचेत मोची की दुकान पहुंचे और उनके परिवार से मुलाकात की
कोर्ट से निकलने के बाद राहुल गांधी रामचेत मोची की दुकान पहुंचे और उनके परिवार से मुलाकात की, रामचेत की तीन महीने पहले कैंसर से मृत्यु हो गई थी। एक वर्ष पहले राहुल उनकी दुकान पर बैठकर जूते सिल चुके थे और बाद में सिलाई मशीन भी भेजी थी। राहुल ने रामचेत की पोती श्रद्धा को गोद में लिया, उसके पैर में चोट देखकर हालचाल पूछा, परिवार ने बताया कि चोट ठीक नहीं हो रही है इस पर राहुल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय से बच्ची के इलाज की व्यवस्था कराने को कहा।
