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राहुल गांधी ने अचानक रुकवाई अपनी गाड़ी, मोची की दुकान पर पहुंचकर जाना हालचाल

UP News: कोर्ट से सुनवाई के बाद राहुल गांधी अचानक गाड़ी रुकवाकर मोची की दुकान पर पहुंचे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल ने मोची से बातचीत की और हालचाल जाना। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। ये उस वक्त हुआ जब कोर्ट की सुनवाई के बाद कांग्रेस नेता सुलतानपुर से लखनऊ एयरपोर्ट जा रहे थे।

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अचानक मोची से मिलने पहुंचे राहुल गांधी।

Photo : Times Now Digital

Rahul Gandhi Met Cobbler: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को मानहानि मामले में यूपी के सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान राहुल गांधी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह लखनऊ एयरपोर्ट जाते वक्त रास्ते में मोची की दुकान पर रुके। इस दौरान राहुल गांधी ने मोची से बातचीत की और उनका हालचाल भी जाना।

जब अचानक मोची के दुकान पर पहुंचे राहुल

कांग्रेस पार्टी ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकांउट से वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'नेता विपक्ष राहुल गांधी ने रास्ते में गाड़ी रुकवाकर मोची का काम करने वाले परिवार से मुलाकात की। हम इन मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए लगातार लड़ रहे हैं, सड़क से संसद तक इनकी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इनका वर्तमान सुरक्षित और भविष्य खुशहाल बनाना ही हमारा लक्ष्य है।'

वीडियो में देखा जा सकता है कि राहुल गांधी सुनवाई के बाद जब लखनऊ एयरपोर्ट के लिए रवाना हो रहे थे, तभी रास्ते में एक मोची की दुकान पर अपनी गाड़ी रुकवाते हैं। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इससे पहले भी राहुल गांधी ने अचानक दिल्ली के जीटीबी नगर पहुंचकर रेहड़ी-पटरी वाले दिहाड़ी मजदूरों से मुलाकात की थी। उन्होंने मजदूरों से उनके जीवन की कठिनाइयों और रोजगार से जुड़ी समस्याओं के बारे में जाना था। उन्हें समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिलाया था।

छात्रों के भविष्य को तबाह करने का लगाया आरोप

विपक्ष के नेता राहुल गांधी का एक और वीडियो सामने आया है। जिसमें उन्होंने NEET पेपर लीक के प्रताड़ित छात्रों से बात की। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि 'देश में लगातार हो रहे पेपर लीक लाखों छात्रों एवं उनके परिवारों का भविष्य तबाह कर रहे हैं। छात्रों को न्याय दिलाना ही हमारा संकल्प है।'

12 अगस्त को होगी मामले की अगली सुनवाई

रायबरेली से सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को मानहानि मामले में सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश हुए। जहां कोर्ट के समक्ष उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया। विशेष न्यायाधीश शुभम वर्मा ने मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए राहुल गांधी को 26 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 12 अगस्त को तय की है।

राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि वो संसद की कार्यवाही छोड़कर न्यायालय में पेश हुए हैं। उन्होंने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करा दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि मेरे ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं, उनसे मैं इनकार करता हूं। मेरी और मेरी पार्टी की छवि को खराब करने के लिए झूठा मुकदमा मेरे खिलाफ दर्ज किया गया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 12 अगस्त की तारीख तय की है।

क्या है राहुल के खिलाफ मानहानि का मामला?

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेता विजय मिश्र ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बेंगलुरु में 2018 में भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए 4 अगस्त 2018 को मानहानि का मामला दर्ज कराया था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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