एसआईआर में अनियमितताओं और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का धरना प्रदर्शन जारी है। इस बीच, कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी’ के जरिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों को जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा और कोई भी इससे बच नहीं सकेगा।
राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने संसद मार्ग पर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। वहां उन्होंने चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की मांग को लेकर धरना दिया, जो करीब सात घंटे बाद भी जारी है।
‘300 सांसद लोकतंत्र की रक्षा के लिए आए हैं’
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के करीब 300 सांसद चुनाव आयोग से मिलने पहुंचे थे। उनका कहना था कि सांसद देश के करोड़ों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उन्हें चुनाव आयुक्तों के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं तो उन्हें रोका क्यों जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष चुनाव आयुक्तों से कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर सवाल पूछना चाहता है।‘किसी को जवाबदेही से बचने नहीं देंगे’
आकाशवाणी भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने अपने आरोप दोहराए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर जो कुछ हुआ है, उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि कोई भी जवाबदेही से बच नहीं पाएगा। राहुल गांधी ने अपने आरोपों को ‘देशद्रोह’ से जोड़ते हुए कहा कि देश के साथ जो किया गया है, उस पर कार्रवाई जरूरी है।
पुलिस ने रोका विपक्षी सांसदों का मार्च
INDIA गठबंधन के सांसद संसद से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने संसद मार्ग और आसपास के रास्तों पर बैरिकेड लगाए थे। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।
चुनाव आयोग ने कहा- बैठक के लिए अनुरोध नहीं मिला
वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि उसे किसी राजनीतिक दल की ओर से चुनाव आयुक्तों के साथ बैठक के लिए कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। इसके बावजूद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलकर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शन से यातायात प्रभावित हो रहा है तो पुलिस उन्हें यह बताए कि धरना कहां दिया जा सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष वहां बैठने को तैयार है, जहां पुलिस अनुमति दे।
पहले भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं राहुल-प्रियंका
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इससे पहले भी विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। जुलाई में दोनों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ प्रधानमंत्री के लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास के बाहर धरना दिया था। यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक मामले में छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया था। उस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया था।
