लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी शनिवार को तमिलनाडु के मल्लपुरम (महाबलीपुरम) पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी के पुनर्गठन और 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए और जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने परिसीमन नीति और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी परिसीमन बिल के जरिए तमिलनाडु की जनता के राजनीतिक अधिकारों को छीनने और उनकी ताकत को कम करने की साजिश रच रही है। उन्होंने राज्य की सभी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पार्टियों से संसद में इस बिल को हराने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिसीमन का समर्थन करने वाला हर व्यक्ति तमिलनाडु के साथ गद्दारी कर रहा है। इतिहास उन्हें 18वीं सदी के गद्दार 'एट्टप्पन' के रूप में याद रखेगा, जिसने स्वतंत्रता सेनानी वीरपांडिया कट्टाबोम्मन को अंग्रेजों से पकड़वाया था।
NEET पीड़ितों के परिवारों से की मुलाकात
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने तमिलनाडु में नीट परीक्षा के तनाव और अवसाद के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के दुखी परिजनों से व्यक्तिगत मुलाकात की। राहुल ने कहा कि बच्चों को खोने वाले माता-पिता का रोना और उनका दर्द देखना बेहद कष्टदायक है।
उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से कहा कि देश का युवा एक ऐसी शिक्षा प्रणाली में ईमानदारी से मेहनत करने को मजबूर है, जो खुद उनके साथ ईमानदार नहीं है। बार-बार पेपर लीक होना, परीक्षाएं रद्द होना और सालों की मेहनत का रातों-रात बर्बाद हो जाना इस भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था की देन है।
पीएम मोदी को मांगनी चाहिए माफी
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो छात्र-छात्राएं पेपर लीक और रद्द होती परीक्षाओं से परेशान हैं, पीएम को उनके पास जाकर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की किसी माफी या दिलासे की जरूरत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी को खुद देश के युवाओं और छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के नेताओं को गुटबाजी खत्म कर जमीनी स्तर पर काम करने की भी कड़ी हिदायत दी।
