Times Now Summit 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को टाइम्स नाउ समिट 2026 में पश्चिम एशिया संघर्ष से लेकर पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों पर खुलकर बात की। इस दौरान, उन्होंने अमित शाह ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अजीब प्रकार के व्यक्ति हैं।
टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर नाविका कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री से सवाल किया- 'राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हमने एक अमेरिका और इजरायल का पक्ष चुन लिया है और ईरान के खिलाफ हो गए हैं। इससे हमने देश को संकट में डाल दिया है। हम कंप्रोमाइज्ड हो गए हैं और अमेरिका की हर बात मानते हैं।' इस पर अमित शाह ने राहुल गांधी को अजीब प्रकार का व्यक्ति बताया।
अमित शाह ने कहा, ''देखिए, राहुल गांधी अजीब प्रकार के व्यक्ति हैं। 12 बजे वो एक बात बोलते हैं और 5 बजे वो अपनी ही बात का खंडन करते हैं। हमें बोलने की जरूरत ही नहीं पड़ती है... अगर भारत ने एक पक्ष चुन लिया होता तो पाकिस्तान कैसे चौधरी बनता। हमारी विदेश नीति बहुत स्पष्ट है- हम सबसे अच्छे रिश्ते रखना चाहते हैं। हम कोई युद्ध में शामिल होना नहीं चाहते हैं। हम चाहते हैं कि सभी देश संयम बरतकर जल्द से जल्द शांति स्थापित करें। इसमें किसी का पक्ष लेने का सवाल ही खड़ा नहीं होता है।''
सर्वदलीय बैठक को लेकर क्या बोले अमित शाह?
सर्वदलीय बैठक में राहुल गांधी, स्टालिन और अखिलेश यादव शामिल नहीं हुए तो क्या सरकार विपक्ष को मैनेज नहीं कर पा रही है? इस सवाल पर अमित शाह ने कहा कि सभी राजनीतिक दल सर्वदलीय बैठक में उपस्थित हुए हैं। हमें वहां बताया गया है कि सोनिया गांधी जी की नासाज तबियत की वजह से राहुल गांधी व्यस्त चल रहे हैं। हम सब इन चीजों को समझ रहे हैं और देश को भी यह समझना चाहिए। सभी राजनीतिक दल राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में देश को वैश्विक संकट से निकालने का साझा संकल्प लिया है और इसमें कोई मत-भिन्नता नहीं दिखाई देती।
संसद में पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर पारदर्शी बहस से जुड़े सवाल पर अमित शाह ने कहा, ''देखिए, तृणमूल कांग्रेस के लिए तो मैं कुछ कह नहीं सकता हूं... पहली बार कोई वैश्विक संकट नहीं आया है। कई बार आए हैं और जब डिप्लोमेसी शामिल होती है और संकट शामिल होता है... विशेषकर डिमांड और सप्लाई गैप के विषय पर चर्चा करनी होती है तो चर्चाएं सार्वजनिक नहीं होती हैं। इससे पैनिक खड़ा होता है और संकट को निपटने में तकलीफें आती हैं। यह सभी समझ रहे हैं, लेकिन कुछ विपक्षी नेता जरूर इसका फायदा उठाना चाहते हैं, पर देश की जनता यह समझती है।''
