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राहुल गांधी नहीं मानते सिक्योरिटी प्रोटोकॉल, बिना बताए चले जाते हैं विदेश, CRPF ने की शिकायत

पत्र में CRPF वीवीआईपी सुरक्षा प्रमुख ने राहुल गांधी के रवैए की शिकायत की है। CRPF ने आरोप लगाया है राहुल गांधी अपनी सिक्योरिटी को लेकर गंभीरता नहीं बरत रहे।

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राहुल गांधी पर सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप (PTI)

Rahul Gandhi Security Protocols: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की सुरक्षा चूक को लेकर CRPF के डीजी सिक्योरिटी ने पत्र लिखा है। सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि CRPF के वीवीआईपी सिक्योरिटी के प्रमुख सुनील जून ने राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी दोनों को पत्र लिखा है। 10 सितंबर को पत्र लिखकर CRPF अधिकारी ने राहुल गांधी पर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल नहीं मानने का आरोप लगाया है।

राहुल गांधी के रवैए की शिकायत

पत्र में CRPF वीवीआईपी सुरक्षा प्रमुख ने राहुल गांधी के रवैए की शिकायत की है। सुनील जून ने आरोप लगाया है राहुल गांधी अपनी सिक्योरिटी को लेकर गंभीरता नहीं बरत रहे। राहुल गांधी Z+ ASL सुरक्षा कैटिगरी के प्रोटेक्शन में आते हैं लेकिन उसके कायदे कानून का उल्लंघन करते हैं। CRPF सिक्योरिटी के येलो बुक (yellow book) प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर बिना बताए विदेश यात्रा पर जाने की शिकायत भी की गई है।

कब-कब विदेश गए राहुल

* पहला 30 दिसंबर 2024 से 9 जनवरी तक इटली का दौरा। 10/11 दिन नए साल पर विदेश का दौरा

* दूसरा 12 मार्च 17 मार्च तक वियतनाम का दौरा

* तीसरा 17 से 23 अप्रैल तक दुबई दौरा

* चौथा 11 से 18 जून कतर के दोहा दौरा

* पांचवां 25 जून से 6 जुलाई तक लंदन दौरा

* छठवां 4 से 8 सितंबर तक मलेशिया दौरा

पहले भी राहुल पर लग चुके हैं आरोप

CRPF ने मलिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को शिकायत पत्र लिखकर आगे सुरक्षा प्रोटोकॉल का ख्याल रखने की अपील की है। बता दें कि इससे पहले भी राहुल गांधा पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के आरोप लग चुके हैं। कई बार तो ऐसा भी हुआ कि वह रैली के दौरान भीड़ के बीच चले गए जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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