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'मालाबार' की दस्तक से बौखलाया चीन, ईस्ट चाइना सी में नेवल पॉवर दिखाएगा QUAD

  • Agency by: Agency
  • Updated Nov 2, 2022, 05:43 PM IST

Malabar exercise 2022: अभी मालाबार शुरू होने में कुछ दिन बाकी हैं लेकिन इसमें हिस्सा लेने वाले सभी देशों की नौसेना ने अपने-अपने असेट्स को जापान के पास तैनात कर दिया है। भारत का शिवालिक और कमोर्टा युद्धपोत भी यहां पहुंच चुका है।

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क्वाड देशों की नौसेनाएं दिखाएंगी अपनी ताकत।

KEY HIGHLIGHTS
  • चार मित्र देशों की नौसेनाएं 8 नवंबर से 18 नवंबर तक करेंगी युद्धाभ्या
  • भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं दिखाएंगी दमखम
  • जापान के योकोसुका तट के पास होने वाला है मालाबार युद्धाभ्यास

Malabar exercise 2022: ईस्ट चाइना सी में शुरू होने वाले मालाबार युद्धाभ्यास से दुनिया को दादागिरी दिखाने वाले चीन की बेचैनी बढ़ने वाली है। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत, चीन को क्वाड (QUAD)का दम दिखाएंगे। चार मित्र देशों की नौसेनाएं 8 नवंबर से 18 नवंबर के बीच जापान के योकोसुका तट के पास जब ‘मालाबार’अभ्यास में अपनी धमक दिखाएंगी तब चीन की बौखलाहट और बढ़ेगी।

अमेरिका का कैरियर बैटल ग्रुप USS रोनाल्ड रीगन होगा शामिल

दुनिया के सबसे बड़े इस समुद्री अभ्यास में अमेरिका का कैरियर बैटल ग्रुप USS रोनाल्ड रीगन हिस्सा ले रहा है। योकोसुका बेस इसी कैरियर बैटल ग्रुप का होम पोर्ट भी है।रोनाल्ड रीगन एक निमित्ज क्लास न्यूक्लियर पावर्ड सुपर कैरियर है। नैन्सी पॉलेसी के ताइवान दौरे के बाद चीन के आक्रामक रुख को देखते हुए अमेरिका ने इसी USS रोनाल्ड रीगन कैरियर बैटल ग्रुप को ताइवान के पास समुद्र में तैनात किया था।

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भारत के यह स्वदेशी वॉरशिप होंगे मालाबार में शामिल

भारतीय नौसेना की तरफ से स्वदेशी जंगी जहाज आईएनएस कमोर्टा और आईएनएस शिवालिक मालाबार युद्धाभ्यास में अपना दमखम दिखाएंगे और भारतीय नौसेना के लंबी दूरी तक टोह करने वाले पी-8i भी हिस्सा लेंगे, इन विमानों को सबमरीन हंटर के नाम से भी जाना जाता है।

मौजूदा युद्ध हालातों के मद्देनजर अलग होगा मालाबार की शैली

दुनिया भर में जंग के हालातों को देखते हुए इस बार मालाबार एक्सरसाइज की शैली को भी बदला गया है। इस बार सभी देशों के युद्धपोत अपने हथियारों और हेलीकॉप्टर्स की आक्रामकता और विध्वंस करने की ताकत को तो दिखाएंगे ही साथ ही समुद्री जंग में कितनी जल्दी इन जहाजों को दुश्मन के इलाके में पहुंचाया जा सकता है उस पर भी जोर दिया जाएगा। खास बात यह है कि अभी मालाबार शुरू होने में कुछ दिन बाकी हैं लेकिन इसमें हिस्सा लेने वाले सभी देशों की नौसेना ने अपने-अपने असेट्स को जापान के पास तैनात कर दिया है। भारत का शिवालिक और कमोर्टा युद्धपोत भी यहां पहुंच चुका है।

मालाबार शुरू होने से पहले ही बौखलाया चीन

चीन इस एक्सरसाइज के शुरू होने से पहले से ही घबराया हुआ है और चीन के करीबी नॉर्थ कोरिया ने साउथ कोरिया पर जापान सी में हमले भी बोल दिए हैं। बुधवार से ही मालाबार से ठीक पहले होने वाला प्लीज रिव्यू शुरू हो चुका है जो 7 नवंबर तक जारी रहेगा। इसलिए रिव्यू में जापान ने कई मित्र देशों की नौसेनाओं को निमंत्रण दिया है, जो मालाबार से पहले अपना शक्ति प्रदर्शन करेंगे। समुद्र में इन देशों के जमावड़े से चीन की फ्रीडम ऑफ नेवीगेशन के नाम पर समुद्र में अपनी अपना दबदबा दिखाने की हरकत को करारा झटका मिलेगा।

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दो हिस्सों में होगा मालाबार अभ्यास

ये अभ्यास दो चरणों में होगा, पहला हार्बर फेज, दूसरा सी फेज। हार्बर फेज में अभ्यास की रणनीति बनेगी तो दूसरे चरण में उस रणनीति पर अमल किया जाएगा।

2021 में यह जहाज हुए थे मालाबार में शामिल

पिछले साल आयोजित हुए मालाबार अभ्यास में रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी एचएमएसएस बैलेराट और एचएमएसएस शामिल हुआ था जबकि भारत की तरफ से आईएनएस रणविजय, आईएनएस सतपुड़ा , लांग रेंज मेरिटाइम पेट्रोल एयरक्रफ्ट P-8i और पनडुब्बी ने हिस्सा लिया था। अमेरिका की तरफ से एयरक्राफ्ट कैरियर कार्ल विंसन और दो डेस्ट्रायर यूएसएस लेक शैम्प्लेन और यूएसएस स्कॉडेल शामिल हुए थे। वहीं जापान अपने कागा और जेएस मुरासामे के साथ शामिल हुआ था। मालाबार अभ्यास की शुरुआत 1992 में भारत और अमेरिका के बीच हुई थी। उसके बाद जापान और फिर हाल ही में ऑस्ट्रेलिया भी इसमें शामिल हो गए।

शिवानी शर्मा
शिवानी शर्माauthor

19 सालों के पत्रकारिता के अपने अनुभव में मैंने राजनीति, सामाजिक सरोकार और रक्षा से जुड़े पहलुओं पर काम किया है। सीमाओं पर देश के वीरों का शौर्य, आत्मनिर्भर होती भारत की सेनाओं का साहस और रक्षा मंत्रालय की हर हलचल के साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध को नज़दीक से देखा, समझा और रिपोर्ट किया है। विषमताओं को पार कर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 19,300 फीट पर दुनिया के सबसे ऊँचे पास पर पहुँचने वाली पहली पत्रकार होने का गौरव प्राप्त किया। Times Now नवभारत पर रक्षा क्षेत्र से जुड़ी ऐसी महत्वपूर्ण खबरें लाना मेरी कोशिश है जो आपको सिर्फ सच बताएं।

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