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रणनीतिक भागीदारी सहित भारत-रूस रिश्ते के सभी पहलुओं नया आयाम देगी पुतिन की यात्रा, रूसी विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान

रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि 'पुतिन की यह भारत यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है जो कि रूस-भारत की खास और विशेष रणनीतिक भागीदारी के पूरे दायरे राजनीति, व्यापार और अर्थव्यवस्था से लेकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति एवं मानवीय मदद की समीक्षा करने का मौका देता है

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भारत की यात्रा पर आएंगे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

Putin India Visit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्रस्तावित भारत यात्रा पर वहां के विदेश मंत्रालय ने बड़ी बात कही है। रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा राजनीति, विज्ञान, मानवीय सहयोग से लेकर दोनों देशों के रणनीतिक भागीदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा करने का एक अवसर देगी। बयान में आगे कहा गया है कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत की यात्रा पर रहेंगे।'

वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी होगी बात

बयान के मुताबिक 'पुतिन की यह भारत यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है जो कि रूस-भारत की खास और विशेष रणनीतिक भागीदारी के पूरे दायरे राजनीति, व्यापार और अर्थव्यवस्था से लेकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति एवं मानवीय मदद की समीक्षा करने का मौका देता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय शिष्टमंडल के साथ होने वाली बातचीत में मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दे भी खास तौर से शामिल होंगे। राष्ट्रपति पुतिन भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलेंगे।'

पुतिन की यात्रा पर भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान

वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय ने रूसी राष्ट्रपति की इस यात्रा पर शुक्रवार को कहा कि यह भारत-रूस ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को मजबूत करने के लिए दृष्टिकोण स्थापित करेगा। इसमें कहा गया, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 23वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर बैठक के लिए चार से पांच दिसंबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर आएंगे।’ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी पुतिन का स्वागत करेंगी और उनके सम्मान में भोज आयोजित करेंगी।

S-400 की नई खेप खरीदने का विचार कर रहा भारत

विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘(राष्ट्रपति पुतिन की) आगामी राजकीय यात्रा भारत और रूस के नेतृत्व को द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करने, ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को मजबूत करने के लिए दृष्टिकोण निर्धारित करने और आपसी हित के क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करेगी।’ मोदी-पुतिन वार्ता से रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और असैन्य परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के और गहरा होने की उम्मीद है। वार्ता में यूक्रेन संघर्ष पर भी बातचीत होने की संभावना है। भारत, रूस से सतह से हवा में मार करने वाली एस-400 मिसाइल प्रणाली की अतिरिक्त खेप खरीदने पर विचार कर रहा है क्योंकि ये हथियार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेहद प्रभावी साबित हुए थे।

2021 में दिल्ली आए थे पुतिन

ऐसा माना जा रहा है कि इस प्रस्तावित खरीद पर दोनों पक्षों के बीच होने वाली बातचीत में चर्चा हो सकती है। भारत और रूस के बीच एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत भारत के प्रधानमंत्री और रूस के राष्ट्रपति साल में एक बार शिखर बैठक करते हैं और द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करते हैं। अब तक भारत और रूस में बारी-बारी से 22 वार्षिक शिखर बैठकें हो चुकी हैं।इस मामले से परिचित सूत्रों ने बताया कि आने वाली शिखर बैठक से द्विपक्षीय रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण परिणाम सामने आने की उम्मीद है। रूसी राष्ट्रपति ने आखिरी बार 2021 में नई दिल्ली की यात्रा की थी। पिछले साल जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी वार्षिक शिखर बैठक के लिए मॉस्को गए थे। रूस, भारत का लंबे समय से साझेदार रहा है और वह नयी दिल्ली की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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