Sanjeev Arora 7 day ED Custody: हरियाणा के गुरुग्राम की एक अदालत ने पंजाब (Punjab Minister) के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सात दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें शनिवार शाम चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई कथित जीएसटी फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में की गई है। ईडी के अनुसार, यह मामला मोबाइल फोन की खरीद और निर्यात में कथित फर्जी लेन-देन से जुड़ा है।
गिरफ्तारी के बाद संजीव अरोड़ा को चंडीगढ़ से गुरुग्राम लेकर पहुंची ईडी
जांच एजेंसी का आरोप है कि दिल्ली की कुछ गैर-मौजूद कंपनियों के जरिए फर्जी जीएसटी बिल तैयार किए गए। इन बिलों की मदद से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा लिया गया और बाद में दुबई से पैसे भारत वापस लाने की कोशिश की गई। जांच के दौरान ईडी ने गुरुग्राम स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी पर भी छापेमारी की, जिसका संबंध संजीव अरोड़ा से बताया जा रहा है। कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि उसे न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और वह सभी सरकारी एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है। गिरफ्तारी के बाद ईडी की टीम संजीव अरोड़ा को सड़क मार्ग से चंडीगढ़ से गुरुग्राम लेकर पहुंची।
विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल-संजीव अरोड़ा के वकील
इसके बाद उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया। ईडी ने अदालत से 10 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने सात दिन की हिरासत मंजूर की। वहीं, संजीव अरोड़ा के वकील ने इस मामले को राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि ईडी ने 5 मई को केस दर्ज किया और 9 मई को गिरफ्तारी कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने भी ईडी की कार्रवाई की आलोचना की है। दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को डराने के लिए कर रही है। दूसरी ओर, भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी को पंजाब में अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती दिखाई दे रही है, इसलिए वह इस कार्रवाई को राजनीतिक रंग दे रही है।
