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टेनेसी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मौरिस स्टुके से टाइम्स नाउ की खास बातचीत, एआई की नैतिक चुनौतियों पर डाला प्रकाश

टाइम्स नाउ से एक्सक्लूसिव बात करते हुए टेनेसी विश्वविद्यालय में कानून के प्रोफेसर मौरिस स्टुके ने एआई को लेकर कई बातें कहीं हैं, जिसमें कई चिंता करने वाली बातें सामने आई हैं।

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टाइम्स नाउ के साथ साक्षात्कार के दौरान टेनेसी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मौरिस स्टके (फोटो: स्क्रीनग्रैब)

टेनेसी विश्वविद्यालय में कानून के प्रोफेसर और अमेरिकी प्रशासन के अधिकारी मौरिस स्टुके ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि कि AI को लेकर टाइम्स नाउ से बात करते हुए कई बातों पर प्रकाश डाला। एआई के युग में गोपनीयता को लेकर पैदा हुए जोखिम और नैतिक चुनौतियों पर उन्होंने बात की। टाइम्स नाउ से एक्सक्लूसिव बात करते हुए सैटुके ने कहा कि अगर सरकार के पास अच्छे प्राइवेसी उपाय नहीं हैं तो एआई चीजों को और खराब कर देगा।

टाइम्स नाउ से खास बातचीत

टाइम्स नाउ के सीनियर एग्जीक्यूटिव एडिटर माधवदास जी के साथ बात करते हुए मौरिस स्टुके ने कहा कि यदि आपके पास अच्छा गोपनीयता उपाय नहीं है, तो एआई संयुक्त राज्य अमेरिका में इसे और खराब कर देगा। सौ वर्षों से अधिक समय में हमारे पास कोई राष्ट्रव्यापी गोपनीयता कानून नहीं है और एआई इसे कई अलग-अलग स्तरों पर बदतर बना देगा। एआई व्यक्तिगत डेटा का उपयोग कैसे करता है, इस बारे में बात करते हुए, प्रोफेसर ने कहा, "जिन फाउंडेशन मॉडल पर हम आज भरोसा करते हैं, उन्हें भारी मात्रा में डेटा की आवश्यकता होती है। भले ही आप यह नहीं जानते होंगे कि आज आपके बारे में इन सभी सार्वजनिक वेबसाइटों से डेटा स्क्रैप किया जा रहा है। "

सोशल मीडिया पर क्या कहा

आगे मौरिस स्टुके ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एआई विज्ञापन बनाने के लिए सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत डेटा का उपयोग कैसे करता है। उन्होंने कहा- "सोशल मीडिया अब एक चिंता का विषय है, उस डेटा का उपयोग करके आपको उन चीजों को खरीदने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है जिन्हें आप खरीदने में रुचि नहीं रखते हैं या उस उच्चतम कीमत पर खरीदने में रुचि नहीं रखते हैं जिसे आप भुगतान करने को तैयार हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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