Hathras Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान हुए हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य नेताओं ने अपनी शोक संवेदना जताई है। राष्ट्रपति ने अपने शोक संदेश में कहा कि हाथरस जिले में हुई दुर्घटना में महिलाओं और बच्चों सहित अनेक श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार हृदय विदारक है। वहीं, पीएम मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। इसी दौरान हाथरस घटना की जानकारी उन तक पहुंचाई गई। अपने संबोधन के बीच में पीएम ने हाथरस घटना का जिक्र करते हुए शोक संवेदना जताई।
पीड़ितों को हरसंभव मदद-पीएम
उन्होंने कहा कि 'यूपी के हाथरस में अनेक लोगों की मौत होने की जानकरी सामने आई है। मैं उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं सभी घायलों के ठीक होने की कामना करता हूं। मौके पर प्रशासन बचाव कार्य में जुटा है। मैं इस सदन के माध्यम से सभी पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा देता हूं। यूपी सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए के मुआवजे की घोषणा की है।
शाह-राजनाथ सिंह ने शोक जताया
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने शोक संदेश में कहा कि हादरस में हुए दुखद हादसे से मन अत्यंत व्यथित है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शोक जताया है।
बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
इस भगदड़ में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में महिलाओं और बच्चों सहित 116 लोगों की जान गई है। इसके अलावा कई लोगों के घायल होने की बात भी कही गई है।
घटना की जांच शुरू
इस बीच उत्तर प्रदेश के मंत्री लक्ष्मी नारायण का कहना है कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, पीड़ितों की हर संभव मदद की जा रही है। घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था के साथ ही घटना को लेकर जांच की जा रही है और जो भी दोषी होंगे उनपर कार्रवाई होगी। सत्संग के दौरान हुए हादसे के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही से हादसा हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन ने एक रोड पर पुलिस की बैरिकेडिंग लगी थी। पुलिस ने उसे खुलवा दिया, जो रात को बंद कर दिया गया था। जह वहां गाड़ियां आने लगीं तो लोग बचने के लिए इधर-उधर भागे। इससे भगदड़ मची और लोगों की मौत हुई।
