Tamil Nadu Politics: दक्षिण में कमजोर होती स्थति को मजबूत करने के लिए बीजेपी अब एक बार फिर गठबंधन में सहयोगियों को जोड़ने की कवायद में लग गई है । तमिलनाडु में डीएमके के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन यानी सेकुलर प्रोग्रेसिव एलायंस के मुकाबले अन्ना डीएमके से भी बीजेपी गठबंधन बनाने की तैयारी में है। बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद अन्ना डीएमके अकेले थी। ऊपर से पार्टी का विभाजन हो गया है। ओ पनीरसेल्वम और ई पलानीस्वामी के बीच पार्टी पर नियंत्रण की लंबी लड़ाई के बाद ई पलानीस्वामी यानी ईपीएस ने पार्टी पर नियंत्रण बना लिया है । इस बीच भाषा विवाद एक चुनौती अभी भी है। गृह मंत्री अमित शाह ने तमिल भाषा के पक्ष में बयान देकर कांग्रेस डीएमके सरकार को चुनौती दे दी है।
तमिलनाडु में भाजपा और एआईएडीएमके के बीच बनी बात?
पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने दमखम से लड़ा था और जितने खराब प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी उससे काफी बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन लोकसभा चुनाव में पार्टी पूरी तरह से साफ हो गई। अब ऐसा लग रहा है कि ईपीएस के नेतृत्व में अन्ना डीएमके एलायंस के लिए तैयार है। एआईएडीएमके का एकमात्र मकसद डीएमके को हराना है। डीएमके ही असली प्रतिद्वंद्वी है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नमलाई ने भी तालमेल के संकेत दिए थे और पिछले महीने जयललिता की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े ऐहतराम के साथ उनको याद करते हुए सोशल मीडिया में पोस्ट लिखा था।
क्या करेंगे पनीरसेल्वम, वीके शशिकला और टीटीवी दिनाकरण?
अन्ना डीएमके और बीजेपी के फिर से साथ आने की संभावना दिख रही है। इसमें एक दूसरा पहलू यह है कि फिल्म स्टार विजय भी पार्टी बना कर चुनाव मैदान में उतरने वाले हैं। उनके लिए चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर काम कर रहे हैं।
अन्ना डीएमके से उनके भी तालमेल की बात चल रही थी। इस बीच यह भी सवाल है कि पनीरसेल्वम क्या करेंगे और वीके शशिकला व उनके भतीजे टीटीवी दिनाकरण क्या करेंगे? लेकिन एक बात अब तय होते हुए दिख रहा है कि 2026 विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके और बीजेपी का गठबंधन होने जा रहा है।
