देश

महाकुंभ में आज बनेगा स्वच्छता का 'विश्व रिकॉर्ड', 15000 से अधिक सफाई कर्मी चलाएंगे अभियान; जानें खास बात

Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में आज स्वच्छता का विश्व रिकॉर्ड बनेगा। महाकुंभ में 15,000 से अधिक स्वच्छता कर्मी एक साथ स्वच्छता का अभियान चलाएंगे। इसे ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज कराया जाएगा। एक साथ कुल 4 जोन में हजारों की संख्या में स्वच्छता कर्मियों द्वारा स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।

Image

एक साथ 15 हजार से अधिक स्वच्छता कर्मी आज सफाई अभियान चलाएंगे।

महाकुंभ-2025 का दिव्य, भव्य आयोजन अब अपने आखिरी पड़ाव की ओर अग्रसर है। इसी बीच महाकुंभ नगर में आज यानी सोमवार (24 फरवरी) को एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा जिसमें 15,000 से अधिक स्वच्छता कर्मी चार अलग अलग जोन में एक साथ सफाई अभियान चलाएंगे। वहीं पीएम मोदी ने महाकुंभ में सेवा दे रहे स्‍वच्‍छताकर्म‍ियों और पुल‍िसकर्म‍ियों की सराहना की।

एक साथ 15 हजार से अधिक स्वच्छता कर्मी चलाएंगे सफाई अभियान

उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को एक बयान में कहा कि प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा सोमवार (24 जनवरी) को दोपहर 12 बजे कुल 4 जोन में एक साथ 15,000 से अधिक स्वच्छता कर्मी स्वच्छता का महाभियान चलाएंगे। इसके अंतर्गत, स्वच्छता का रिकॉर्ड बनाते हुए इसे ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज कराया जाएगा। बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महाकुंभ 2025 हर दिन स्वच्छता में नए मानक गढ़ रहा है। यह धार्मिक समागम स्वच्छता के उच्च मानक बनाए रखने के लिए समर्पित रहा है जिससे इसे स्वच्छ महाकुंभ का खिताब मिला है।

गांगा की सफाई का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का किया जा चुका प्रयास

इससे पूर्व महाकुंभ में ही गंगा की सफाई का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास भी प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा किया जा चुका है जिसके अंतर्गत 300 से अधिक स्वच्छता कर्मियों द्वारा एक साथ विभिन्न गंगा घाटों पर नदी की सफाई का अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया था। कार्यक्रम के अनुसार, सोमवार दोपहर 12 बजे अभियान का आगाज 15,000 से अधिक स्वच्छता कर्मियों की उपस्थिति में होगा। एक साथ कुल 4 जोन में हजारों की संख्या में स्वच्छता कर्मियों द्वारा स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।

जोन-1 के अंतर्गत प्रयाग क्षेत्र के हेलिपैड पार्किंग (सेक्टर 2), जोन-2 के अंतर्गत सलोरी/नागवासुकी क्षेत्र के भारद्वाज घाट (सेक्टर 7), जोन-3 के अंतर्गत झूसी क्षेत्र में पुरानी जीटी रोड एवं हरिश्चंद्र घाट (सेक्टर 5 और 18) तथा जोन-4 के अरैल क्षेत्र के चक्रमाधव घाट-(सेक्टर 24) में एक साथ स्वच्छता का महाभियान चलाया जाएगा।

पीएम मोदी ने सेवा दे रहे स्‍वच्‍छताकर्म‍ियों की सराहना की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रव‍िवार को छतरपुर स्‍थि‍त बागेश्‍वर धाम में एक सभा को संबोध‍ित करते हुए प्रयागराज महाकुंभ में सेवारत स्‍वच्‍छताकर्म‍ियों व पुल‍िसकर्म‍ियों की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा क‍ि महाकुंभ में सेवा दे रहे स्‍वच्‍छताकर्म‍ियों ने एक साधक की भांत‍ि सेवा दी है। वहां जाने वाला हर एक श्रद्धालु उनकी सेवा भावना, उनकी साधना की प्रशंसा कर रहा है। वे ज‍िस मनोवेग और साधक की भांत‍ि अपने कर्तव्‍यों का न‍िर्वहन कर रहे हैं, वह अतुलनीय है। उनकी साधना के कारण ही महाकुंभ का इतना बड़ा आयोजन सफलतापूर्वक संपन्‍न होने की ओर अग्रसर है। पीएम ने कहा क‍ि अपने स्‍वच्‍छता भाइयों की सेवा की ज‍ितनी भी सराहना की जाए कम है। वे साधुवाद के पात्र हैं।

इसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकुंभ में चौबीसों घंटे सेवा दे रहे पुल‍िसकर्म‍ियों की भी सराहना की। पीएम ने कहा क‍ि पुल‍िसकर्म‍ियों ने अपनी सेवा से देश व दुन‍िया से महाकुंभ में पहुंचे करोड़ों श्रद्धालुओं का द‍िल जीत ल‍िया है। उन्‍होंने करोड़ों लोगों को ज‍िस प्रकार संभाला व प्रशंसनीय है। पीएम ने कहा क‍ि महाकुंभ पहुंचे करोड़ों श्रद्धालुओं में से क‍िसी को भी पुल‍िसकर्म‍ियों से कोई श‍िकायत नहीं है। महाकुंभ में तैनात पुलि‍सकर्म‍ियों ने अपने आचरण, व्‍यवहार व सेवा भावना से देश की कोट‍ि-कोट‍ि जनता को अपना मुरीद बना ल‍िया है। महाकुंभ पहुंचने वाले श्रद्धालु पुल‍िसकर्म‍ियों की सराहना करते नहीं थकते।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article