Iran War : ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी पर सरकार गंभीर है और उन्हें निकालने की योजना पर काम कर रही है। इस बारे में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए पूरी तरह तैयार है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश स्थित भारतीय मिशनों के संपर्क में है। एक बयान में जोशी ने कहा कि संघर्ष के कारण प्रभावित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित भारतीय दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है।
भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार
उन्होंने कहा, 'जब भी कन्नड़ भाषी और अन्य भारतीय दुनिया में कहीं भी संकट का सामना करते हैं, केंद्र सरकार उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करती है। इससे पहले, हम यूक्रेन में फंसे लोगों को वापस लाए थे। भारतीय जहां भी हों, उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' जोशी ने कहा कि ईरान-इजराइल संघर्ष की गंभीरता के कारण कन्नड़ भाषी लोगों के परेशानी में फंसे होने की सूचना मिली है और उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने हेतु वरिष्ठ मंत्रियों के साथ तत्काल परामर्श किया गया है। चिंतित परिवारों को आश्वस्त करते हुए मंत्री ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और सरकार सभी भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
फंसे लोगों की सहायता के लिए भी प्रयास जारी
उन्होंने कहा कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में हवाई यात्रा करना फिलहाल जोखिम भरा है और भविष्य में किसी भी तरह के कदम उठाने से पहले जानकारों से परामर्श लिया जा रहा है। जोशी ने कहा कि दुबई में फंसे लोगों की सहायता के लिए भी प्रयास जारी हैं, जहां उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा, 'किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।'
पीएम मोदी ने सऊदी प्रिंस से की बात
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को बहरीन के शाह हम्माद बिन ईसा अल खलीफा और सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत की तथा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान दोनों देशों पर हुए हमलों की निंदा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों पर हुए हालिया हमले उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने जॉर्डन के शासक अब्दुल्ला द्वितीय से भी बात की और क्षेत्र में उत्पन्न हो रही स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। मोदी ने बहरीन के शासक और सऊदी अरब के युवराज एवं प्रधानमंत्री से दोनों देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के कुशलक्षेम के बारे में भी बात की।
