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25 पैसे में ही लिख दी जाती थी दिल की सारी बात, महीनों करते थे खतों का इंतजार, ये हैं रोचक फैक्ट्स

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  • Updated Oct 8, 2022, 01:46 PM IST

Post Day 2022: दरअसल, भारतीय पोस्टल डे या नेशनल पोस्टल डे राष्ट्रीय स्तर पर देश के पोस्टल सिस्टम के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। संचार मंत्रालय के अधीन पोस्ट विभाग भारतीय पोस्ट सेवा का संचालन करता है।

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25 पैसे में ही लिख दी जाती थी दिल की सारी बात, महीनों करते थे खतों का इंतजार, ये हैं रोचक फैक्ट्स

Post Day 2022: वॉट्सऐप मैसेजिंग (WhatsApp Messaging) के दौर में भले ही हाथ से लिख कर भेजी जाने वाली चिट्ठियां नई पीढ़ी के लिए अब गुजरे हुए कल की बात हो गई हों, पर उस दौर में यह संचार का बेहद सरल, सटीक और सस्ता तरीका हुआ करती थीं।

हालांकि, संदेसा पहुंचने में थोड़ा वक्त लगता था, पर लिखने वाले से लेकर इसे पढ़ने वाले में बड़ी बेकरारी रहती थी। कभी 25 पैसे में दिल की सारी बात एक खत में बयान कर दी जाती थी। चूंकि, दुनिया में हर साल नौ अक्टूबर, 2022 को विश्व पोस्ट दिवस (World Post Day) मनाया जाता है, जबकि 10 अक्टूबर को हिंदुस्तान में नेशनल पोस्ट डे (National Post Day) मनता है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कम्युनिकेशन के इस कमाल के जरिए से जुड़े रोचक और यादगार फैक्ट्स:

दरअसल, भारतीय पोस्टल डे या नेशनल पोस्टल डे राष्ट्रीय स्तर पर देश के पोस्टल सिस्टम के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। संचार मंत्रालय के अधीन पोस्ट विभाग भारतीय पोस्ट सेवा का संचालन करता है। मार्च, 2017 तक देश में कुल 1,54,965 पोस्ट ऑफिस थे, जबकि देश में 23 पोस्टल सर्किल हैं, जिनमें हर एक का चीफ पोस्टमास्टर जनरल होता है।

दुनिया का सबसे ऊंचा पोस्ट ऑफिस हिमाचल प्रदेश के हिक्किम में है, जबकि भारत में सबसे पहला पोस्ट ऑफिस ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से कोलकाता में 1774 में स्थापित किया गया था। पोस्ट ऑफिस कभी 100 मील पर दो आना शुल्क वसूला करते थे।

भारत का पहला डाक टिकट 21 नवंबर, 1947 (स्वतंत्रता के बाद) को जारी किया गया था। स्वतंत्र भारत के पहले डाक टिकट में भारत के राष्ट्रीय ध्वज को दर्शाया गया था। गांधीजी पहले व्यक्ति थे, जिनकी तस्वीर पहले स्वतंत्र भारत टिकट में चित्रित की गई थी। साल 1984 में सबसे रंगीन टिकटों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कोचीन के टिकटों को दूसरे स्थान पर रखा गया था।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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