PM Modi vs Rahul in Lok Sabha: लोकसभा में आज भी राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हाई प्रोफाइल संग्राम दिखने की संभावना है। सोमवार 1 जुलाई को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई सांसदों ने मोदी सरकार पर हमला बोला था। आज शाम 4 बजे पीएम मोदी इस चर्चा का जवाब देंगे और इस दौरान सदन में हंगामा मचने की पूरी संभावना है। सोमवार को राहुल गांधी के हिंदू समाज को लेकर दिए बयान का पीएम मोदी ने खुद सीट से उठकर विरोध किया था। न सिर्फ पीएम मोदी, बल्कि गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राहुल के आरोपों का जवाब दिया। संभावना है कि आज पीएम मोदी अपने भाषण में राहुल के कई आरोपों का जवाब देंगे। इस दौरान सदन में हंगामा मचना तय है।
राहुल ने बोला पुरजोर हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को भाजपा पर देश में सांप्रदायिक आधार पर विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार तरीके से विरोध जताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना बहुत गंभीर विषय है। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाये गए धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि हिंदू कभी हिंसा नहीं कर सकता, कभी नफरत और डर नहीं फैला सकता। उन्होंने भाजपा पर युवाओं, छात्रों, किसानों, मजदूरों, दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों में डर पैदा करने का आरोप भी लगाया।
कहा, भाजपा के लोग अल्पसंख्यकों को डराते हैं
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अल्पसंख्यकों को डराते हैं और उनके खिलाफ नफरत फैलाते हैं, लेकिन अल्पसंख्यक इस देश के साथ चट्टान की तरह मजबूती से खड़े रहे हैं, उन्होंने दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया है और वे देशभक्त हैं। कांग्रेस नेता के भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के कुछ अन्य नेताओं ने अलग-अलग बिंदुओं को लेकर आपत्ति दर्ज कराई तथा नेता प्रतिपक्ष पर सदन को गुमराह करने एवं गलत बयानी करने का आरोप लगाया।
अमित शाह ने कहा, राहुल की बातों का हो सत्यापन
अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कहा कि राहुल गांधी द्वारा की गई बातों का सत्यापन किया जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष के रूप में किसी प्रस्ताव पर राहुल गांधी का सदन में यह पहला भाषण था। सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोंकझोंक के बीच राहुल गांधी ने कहा, ये अहिंसा का देश है, ये डर का देश नहीं है। भगवान शिव कहते हैं- डरो मत, डराओ मत। वे अहिंसा की बात करते हैं। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल से कहा कि आप नेता प्रतिपक्ष हैं। इसका ध्यान रखें कि किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना...यह बहुत गंभीर विषय है।
राहुल को माफी मांगनी चाहिए
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नेता विपक्ष ने कहा है कि जो अपने आपको हिंदू कहते हैं वे...करते हैं। इन्हें मालूम नहीं है कि करोड़ों लोग अपने आप को गर्व से हिंदू कहते हैं, क्या वे सभी लोग हिंसा करते हैं। उन्हें (राहुल) माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल में पूरे देश को भयभीत किया गया। आपातकाल के समय वैचारिक आतंक था। दिल्ली में हजारों सिख भाइयों का कत्लेआम उनके (कांग्रेस) शासनकाल में हुआ। सदन में भारी शोर-शराबे के बीच बिरला ने राहुल गांधी से कहा कि उन्हें सदन में अपनी बात रखते समय पूरा ध्यान रखना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने सदन में भगवान शिव की तस्वीर दिखाई और कहा कि शंकर भगवान से सच, साहस और अहिंसा की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा,भगवान शिव कहते हैं कि डरो मत, डराओ मत।
