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बाबा सिद्दीकी मर्डर केस: अनमोल बिश्नोई की कस्टडी क्यों नहीं ली? MCOCA कोर्ट ने मुंबई पुलिस को लगाई फटकार

अनमोल बिश्नोई पर अक्टूबर 2024 में बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। वह पिछले वर्ष अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।

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बाबा सिद्दीकी हत्या केस में आरोपी अनमोल बिश्नोई की कस्टडी पर कोर्ट की फटकार।

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले की जांच को लेकर विशेष MCOCA अदालत ने मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने मामले में पूरी तरह से कार्रवाई न करने और मुख्य आरोपी अनमोल बिश्नोई की कस्टडी हासिल करने के लिए कानूनी कदम न उठाने के लिए फटकार लगाई है।

अनमोल पर है NCP नेता की हत्या की साजिश रचने का आरोप

गौरतलब है कि अनमोल बिश्नोई पर अक्टूबर 2024 में बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। वह पिछले वर्ष अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। उसे फिलहाल 2022 के एक आतंक वित्तपोषण और युवाओं की भर्ती से जुड़े मामले में केंद्रीय एजेंसियों ने गिरफ्तार कर रखा है, जिसका संबंध कथित तौर पर बब्बर खालसा इंटरनेशनल से बताया गया है।

स्पेशल जज सत्यनारायण ने लगाई फटकार

मामले में सुनवाई के दौरान स्पेशल जज सत्यनारायण आर. नवंदर ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी आरोपी की कस्टडी हासिल करना, उससे पूछताछ करना और उसे मुकदमे के लिए अदालत के सामने पेश करना कानून लागू करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी है। अदालत ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि इस मामले में न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा।

इस दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष के उस तर्क को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि अनमोल बिश्नोई की शारीरिक मौजूदगी के बिना पहले से आरोपपत्रित 27 अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई प्रभावित होगी। अदालत ने कहा कि आधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तकनीक उपलब्ध है और उसके जरिए न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

बाबा सिद्दीकी की पत्नी शहजीन ने दायर की है याचिका

यह टिप्पणी बाबा सिद्दीकी की पत्नी शहजीन सिद्दीकी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई। याचिका में आरोप लगाया गया था कि जांच एजेंसियां जानबूझकर अनमोल बिश्नोई की कस्टडी लेने से बच रही हैं, जिससे मामले के कथित असली साजिशकर्ताओं तक पहुंचने में देरी हो रही है।

अदालत ने मुंबई क्राइम ब्रांच को कानून के तहत सभी आवश्यक कदम उठाने और अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा 24 जुलाई तक अनुपालन रिपोर्ट के रूप में अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है।

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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