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ट्रंप में हिम्मत है... पीएम मोदी ने पॉडकास्ट में अमेरिका-चीन को लेकर क्या कुछ कहा? जानें खास बातें

लेक्स फ्रीडमैन के साथ एक पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपनी दोस्ती के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने इस मौके पर चीन से जुड़े सवालों पर भी बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत-चीन दोनों दुनिया की भलाई के काम करते रहते हैं।

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पीएम मोदी ने पॉडकास्ट में ट्रंप और चीन के बारे में क्या कुछ कहा?

PM Modi in 'Lex Friedman Podcast': प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पॉडकास्ट में अपने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती के बारे में खुलकर बातचीत की। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि ट्रंप में हिम्मत है और ट्रंप को मोदी पर भरोसा है। इसके अलावा लेक्स फ्रीडमैन के साथ इस पॉडकास्ट में मोदी ने चीन और अन्य कई मुद्दों पर चर्चा की। इस चर्चा के दौरान उन्होंने ट्रंप और चीन के बारे में क्या कुछ कहा, आप नीचे पढ़िए।

पीएम मोदी ने पॉडकास्ट में ट्रंप के बारे में क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि ट्रंप में हिम्मत है, ट्रंप को मोदी पर भरोसा है। जब ट्रंप पर गोली चली, गोली लगने के बाद अमेरिका के लिए जीना... वो अमेरिका फर्स्ट वाले, मैं भारत फर्स्ट वाला। हमारी जोड़ी जम जाती है।

जब मोदी व्हाइट हाउस गए, तो ट्रंप ने तोड़े सारे प्रोटोकॉल

पीएम मोदी ने ट्रंप के बारे में आगे कहा कि जब व्हाइट हाउस गया था उन्होंने (डोनाल्ड ट्रंप) सारे प्रोटोकॉल तोड़ दिए। मुझे व्हाइट हाउस दिखाया। अमेरिका के इतिहास के साथ ट्रंप का लगाव है। उन्होंने कई बार कहा मोदी मेरे दोस्त हैं। हम मिले या ना मिले, हमारा विश्वास अटूट रहा है।

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बारे में क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके बीच परस्पर विश्वास का रिश्ता है और वे बेहतर तरीके से एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं, क्योंकि वे हर चीज से ऊपर अपने राष्ट्रीय हितों को रखने में विश्वास करते हैं। लेक्स फ्रिडमैन के साथ एक पॉडकास्ट में मोदी ने ट्रंप की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक साहसी व्यक्ति बताया, जिसने अपने फैसले खुद किए और जो अमेरिका के प्रति अटूट रूप से समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका यह समर्पण उस वक्त भी दिखा जब पिछले साल चुनाव प्रचार के दौरान एक बंदूकधारी ने उन्हें गोली मार दी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में पहले की तुलना में कहीं अधिक तैयार दिखाई दे रहे हैं। मोदी ने राष्ट्रपति के तौर पर ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बारे में कहा, 'उनके दिमाग में सुपरिभाषित कदमों के साथ स्पष्ट रोडमैप है, हर रोडमैप उन्हें उनके लक्ष्यों की ओर ले जाने के लिए तैयार किया गया है।'

ट्रंप की टीम के सदस्यों से मुलाकात को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान उन्हें ट्रंप की टीम के सदस्यों से मिलने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि उन्होंने मजबूत और सक्षम टीम बनाई है। और इतनी मजबूत टीम के साथ, मुझे लगता है कि वे राष्ट्रपति ट्रंप के दृष्टिकोण को लागू करने में पूरी तरह सक्षम हैं।' इस दौरान, उन्होंने उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड, विवेक रामास्वामी और एलन मस्क के साथ अपनी बैठकों को याद किया। प्रधानमंत्री ने सितंबर 2019 में ह्यूस्टन में खचाखच भरे एनआरजी स्टेडियम में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ सामुदायिक कार्यक्रम को याद किया और बताया कि किस तरह ट्रंप ने दर्शकों के बीच बैठकर उनका भाषण सुना था। उन्होंने कहा, 'यह उनकी विनम्रता है। जब मैं मंच से बोल रहा था तब अमेरिका के राष्ट्रपति श्रोताओं में बैठे थे। यह उनका शानदार भाव था।'

'ट्रंप ने मेरे नेतृत्व पर भरोसा किया, वह मेरे साथ भीड़ के बीच चले गए'

प्रधानमंत्री ने यह भी याद किया कि कैसे अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था में उस समय खलबली मच गई थी जब उन्होंने ट्रंप से दर्शकों का अभिवादन करने के लिए खचाखच भरे स्टेडियम का दौरा करने को कहा था और वह बिना किसी हिचकिचाहट के सहमत हो गए थे। उन्होंने कहा, 'उनकी पूरी सुरक्षा सकते में आ गई थी। लेकिन मेरे लिए वह क्षण वास्तव में दिल को छू लेने वाला था। इससे पता चला कि इस आदमी में हिम्मत है। वह अपने फैसले खुद करते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने उस पल में मुझ पर और मेरे नेतृत्व पर भरोसा किया कि वह मेरे साथ भीड़ के बीच चले गए।'

मोदी ने कहा, 'यह आपसी विश्वास की भावना थी, हमारे बीच एक मजबूत बंधन था जो मैंने उस दिन वास्तव में देखा। और जिस तरह से मैंने उस दिन राष्ट्रपति ट्रम्प को सुरक्षा के बिना हजारों की भीड़ में चलते देखा, वह वास्तव में अद्भुत था।' प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने उसी लचीले और दृढ़ ट्रंप को देखा जब अमेरिकी चुनाव अभियान के दौरान उन पर गोली चलाई गई थी। उन्होंने कहा, 'गोली लगने के बाद भी वह अमेरिका के लिए अटूट रूप से समर्पित रहे। उनका जीवन अपने राष्ट्र के लिए है। इसने उनकी अमेरिका फर्स्ट भावना को दिखाया, जैसे मैं राष्ट्र प्रथम में विश्वास करता हूं', भारत पहले।' उन्होंने कहा, 'मेरे लिए भारत पहले है। यही वजह है कि हम एक-दूसरे से इतने अच्छे से जुड़े। ये ऐसी चीजें हैं जो वास्तव में प्रतिध्वनित होती हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनियाभर में नेताओं को मीडिया में इतना अधिक कवरेज मिलता है कि लोग उन्हें ज्यादातर मीडिया के चश्मे से देखते हैं।

पीएम मोदी ने पॉडकास्ट में चीन को लेकर क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को लेकर किए गए सवाल के जवाब में कहा कि 'भारत और चीन का संबंध ये कोई आज का नहीं है। दोनों पुरातन संस्कृति है। पुराने रिकॉर्ड देखेंगे, सदियों तक चीन और भारत एक-दूसरे से सीखते रहे हैं। दोनों दुनिया की भलाई के काम करते रहते हैं। सशक्त संबंध रहे हैं, पहले की सदियों में हमारे बीच संघर्ष का इतिहास नहीं मिलता।'

उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में भी संबंधों को मजबूत रहना चाहिए, लेकिन हमारी कोशिश है हमारे डिफ्रेंसेस डिस्प्यूट में ना बदले। सीमा विवाद चलता रहता है, 2020 में जो घटना घटी है दूरी बनी। राष्ट्रपति शी के साथ मिलने हुआ है, सीमा पर जो चीजे थे नॉर्मलसी आ चुकी है। 2020 की पहले के स्थिति में हम काम कर रहे हैं। थोड़ा समय लगेगा, हमारा साथ होना फायदेमंद है।

‘लेक्स फ्रीडमैन पॉडकास्ट’ में पीएम मोदी ने और क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘पॉडकास्ट’ कार्यक्रम में कहा कि मेरी ताकत मेरे नाम में नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीयों और देश की शाश्वत संस्कृति एवं विरासत के समर्थन में निहित है । जब मैं विश्व के नेताओं से हाथ मिलाता हूं तो ऐसा मोदी नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीय करते हैं। जब भी हम शांति की बात करते हैं, दुनिया हमारी बात सुनती है क्योंकि भारत गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी की भूमि है ।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि मैंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान को आमंत्रित किया था, लेकिन शांति के हर प्रयास का जवाब शत्रुता और विश्वासघात से मिला । हम पूरी उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान को सद्बुद्धि आएगी और वह शांति का मार्ग अपनाएगा; यहां तक कि पाकिस्तान के लोग भी शांति चाहते हैं।

अपने बचपन के बारे में क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी?

प्रधानमंत्री मोदी ने पॉडकास्ट में कहा कि मेरा बचपन बेहद गरीबी में बीता, मैंने स्कूल में इस्तेमाल किया हुआ चॉक इकट्ठा किया और अपने सफेद जूते चमकाने के लिए इसका उपयोग किया । उन्होंने आगे कहा कि मैं आलोचना का स्वागत करता हूं, मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह लोकतंत्र की आत्मा है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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