PM Modi New Zealand Visit: भारत और न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया इतिहास रचने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर रवाना होंगे। पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली न्यूजीलैंड यात्रा होगी।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन(Christopher Luxon) ने शुक्रवार को इस ऐतिहासिक दौरे की आधिकारिक घोषणा की। पीएम मोदी 10 जुलाई को ऑकलैंड पहुंचेंगे और अगले दिन वापस लौटेंगे।
कीवी पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने 'X' पर जताया उत्साह
इस ऐतिहासिक दौरे की जानकारी देते हुए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'X' (पहले ट्विटर) पर एक बेहद खास पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, 'मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। भारत दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, और न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण देश है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'हम अप्रैल में हस्ताक्षरित 'न्यूजीलैंड-भारत मुक्त व्यापार समझौते' (FTA) के साथ दोनों देशों के संबंधों को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं, जो न्यूजीलैंड के लिए अधिक नौकरियां, उच्च निर्यात और मजबूत आर्थिक विकास लाएगा। यह 1.4 अरब लोगों के बाजार में हमारे सामानों और सेवाओं के निर्यात को बढ़ाने के नए अवसर खोलेगा - जिससे कीवी समुदायों में अधिक पैसा आएगा, रोजगार पैदा होंगे और वेतन में वृद्धि होगी।'
सिर्फ 9 महीने में तैयार हुआ ऐतिहासिक FTA
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा दोनों देशों के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement - FTA) के ठीक दो महीने बाद हो रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस समझौते के लिए बातचीत मार्च 2025 में शुरू हुई थी और महज 9 महीने के भीतर इसे पूरा कर लिया गया, जो भारत द्वारा अब तक किए गए सबसे तेज व्यापार समझौतों में से एक है।
भारत और न्यूजीलैंड को क्या होगा फायदा?
इस समझौते से दोनों ही देशों के बाजारों को बड़ा बूस्ट मिलने वाला है:
भारत के लिए बड़े फायदे: इस FTA के लागू होने के पहले ही दिन से भारत के सभी 8,284 निर्यात उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में पूरी तरह से ड्यूटी-फ्री (शुल्क मुक्त) एक्सेस मिल जाएगा। इसके अलावा, भारत को अपने विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) के लिए लकड़ी के लट्ठे (wooden logs), कोकिंग कोल और धातुओं के स्क्रैप जैसी चीजें बिना किसी आयात शुल्क के मिलेंगी, जिससे भारतीय उद्योगों की उत्पादन लागत कम होगी।
किसानों को मिलेगी मॉडर्न टेक्नोलॉजी: समझौते के तहत कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा। एक विशेष एग्रोटेक्नोलॉजी प्लान के जरिए भारतीय किसानों को कीवी, सेब और शहद के उत्पादन में न्यूजीलैंड की आधुनिक तकनीक का फायदा मिलेगा।
न्यूजीलैंड को 1.4 अरब का बाजार: इस समझौते से न्यूजीलैंड से आने वाली 95% वस्तुओं पर से टैरिफ (शुल्क) हटा दिया जाएगा। इससे वहां के उन निर्यातकों को सीधा फायदा होगा जो भारत में ऊन, वाइन, लकड़ी, कोयला, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे फल बेचते हैं।
भारत ने संवेदनशील सेक्टर्स को रखा सुरक्षित
न्यूजीलैंड को बड़ी छूट देने के साथ ही भारत ने अपने घरेलू बाजार और किसानों के हितों का भी पूरा ख्याल रखा है। भारत ने अपने लगभग 30% टैरिफ लाइनों को इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के दायरे से बाहर रखा है। इसमें डेयरी उत्पाद (जैसे दूध, घी, पनीर), खाद्य तेल, और रत्न एवं आभूषण (Gems and Jewellery) जैसे संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं, ताकि देश के छोटे व्यापारियों और किसानों को कोई नुकसान न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी के इस ऑकलैंड दौरे से इस व्यापार समझौते को जमीन पर उतारने और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने में बड़ी मदद मिलेगी।
