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36 घंटे में 5000 KM चलेंगे PM Modi, सात शहरों में 8 कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत; देखें पूरा शेड्यूल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 22, 2023, 03:18 PM IST

PM Modi schedule: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से उत्तर से मध्य और दक्षिण राज्यों के दौरे पर होंगे। वह इस दौरान 5,300 की यात्रा करेंगे।

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पीएम मोदी 36 घंटे में 5000 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा करेंगे।

Photo : ANI

PM Modi schedule: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से शुरू हो रहे सप्ताह के दौरान काफी व्यस्त रहने वाले हैं। वह अगले सप्ताह करीब सात राज्यों का दौरा करेंगे और आठ कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पीएमओ की ओर से जारी शेड्यूल के मुताबिक, 24 अप्रैल से शुरू हो रहे उनके यात्रा कार्यक्रमों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी सोमवार से 36 घंटे के भीतर सात शहरों में 5,300 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करेंगे।

अधिकारियों ने बताया 24 अप्रैल को पीएम मोदी दिल्ली से मध्य भारत में मध्य प्रदेश, फिर दक्षिण में केरल, उसके बाद पश्चिम में केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव की यात्रा करेंगे। पीएम दिल्ली से खजुराहो जाएंगे और करीब 500 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। यहां से वह राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए रीवा जाएंगे। इसके बाद, वह वापस खजुराहो आएंगे। इस दौरान वह लगभग 280 किमी की दूरी तय करेंगे।

खजुराहो से कोच्चि के लिए होंगे रवाना

खजुराहो के बाद पीएम मोदी युवम कॉन्क्लेव में भाग लेने के लिए कोच्चि के लिए रवाना होंगे। इस दौरान वह लगभग 1,700 किमी की हवाई दूरी तय करेंगे। इसके बाद मंगलवार की सुबह, पीएम मोदी लगभग 190 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कोच्चि से तिरुवनंतपुरम की यात्रा करेंगे, जहां वे एक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे और विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।

सूरत से सिलवासा होंगे रवाना

इस कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री सूरत होते हुए सिलवासा जाएंगे और करीब 1,570 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। सिलवासा में वह मोदी नमो मेडिकल कॉलेज का दौरा करेंगे और विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद वह देवका समुद्री तट के उद्घाटन के लिए दमन जाएंगे, जिसके बाद वह करीब 110 किमी की दूरी तय कर सूरत जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि सूरत से प्रधानमंत्री अपने यात्रा कार्यक्रम में और 940 किलोमीटर जोड़कर दिल्ली वापस जाएंगे।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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