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नागपुर दौरे पर पीएम मोदी, ‘हेडगेवार स्मृति मंदिर' का किया दौरा, आंबेडकर को दी श्रद्धांजलि; जानें खास बातें

PM Modi in Nagpur: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी वर्ष मनाने की तैयारी कर रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को यानी आज नागपुर का दौरा कर रहे हैं। पीएम मोदी ने नागपुर स्थित ‘हेडगेवार स्मृति मंदिर' का दौरा किया। आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं पीएम मोदी के दौरे की खास बातें।

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प्रधानमंत्री मोदी ने नागपुर स्थित ‘हेडगेवार स्मृति मंदिर' का दौरा किया।

PM Modi's Plan Today: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज महाराष्ट्र के नागपुर के दौरे पर हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागपुर स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार और इसके दूसरे सरसंघचालक एम एस गोलवलकर को समर्पित स्मारकों पर रविवार को पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में होगा, जब नागपुर में गुड़ी पड़वा के मौके पर आरएसएस के समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने नागपुर स्थित ‘हेडगेवार स्मृति मंदिर' का किया दौरा

आरएसएस के प्रशासनिक मुख्यालय रेशिमबाग स्थित स्मृति मंदिर में मोदी के साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और अन्य नेता मौजूद थे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पीएम मोदी सुबह करीब 9 बजे नागपुर पहुंचे और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र कैबिनेट के अन्य मंत्रियों ने नागपुर हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत स्मृति मंदिर पहुंचे। प्रधानमंत्री ने महात्मा बुद्ध की पूजा की।

पीएम मोदी ने किया दीक्षाभूमि का दौरा, डॉ. भीमराव आंबेडकर को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नागपुर में दीक्षाभूमि का दौरा किया और डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। दीक्षाभूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर ने 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। नागपुर स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापकों को श्रद्धांजलि देने के बाद मोदी दीक्षाभूमि पहुंचे। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे।

स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा की पुण्यतिथि पर मोदी ने अर्पित की श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि भारत की सेवा में उनका त्याग एवं समर्पण देश के लोगों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। वर्मा ने लंदन में ‘इंडियन होम रूल सोसाइटी, ‘इंडिया हाउस’ और ‘द इंडियन सोशलॉजिस्ट’ की स्थापना की थी। उनका जन्म चार अक्टूबर, 1857 को गुजरात के मांडवी में हुआ था और उनका निधन 30 मार्च, 1930 को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हुआ। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘महान स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा को उनकी पुण्यतिथि पर शत-शत नमन। मां भारती की सेवा में उनका त्याग और समर्पण देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।’’

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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