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पीएम मोदी ने मनमोहन सिंह, प्रतिभा पाटिल को किया फोन; देवेगौड़ा से भी मांगा आशीर्वाद

PM Modi: पीएम मोदी ने प्रतिभा पाटिल, मनमोहन सिंह और एचडी देवेगौड़ा को फोन कर आशीर्वाद मांगा। सूत्रों ने बताया कि सोमवार सुबह कार्यभार संभालने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने उनसे बात की। नरेंद्र मोदी ने रविवार 9 जून, 2024 को राष्ट्रपति भवन में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।

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पीएम मोदी ने इन दिग्गजों से मांगा आशीर्वाद।

Photo : Times Now Digital

PM Modi Called Manmohan Singh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत करते हुए सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और पूर्व प्रधानमंत्रियों मनमोहन सिंह एवं एच डी देवेगौड़ा को फोन किया तथा उनका आशीर्वाद मांगा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

कार्यभार संभालने के तुरंत बाद लिया आशीर्वाद

सूत्रों ने बताया कि सोमवार सुबह कार्यभार संभालने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने उनसे बात की। मोदी ने रविवार शाम राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 30 कैबिनेट मंत्रियों सहित कुल 71 मंत्रियों ने शपथ ग्रहण किया था।

मनमोहन सिंह और प्रतिभा पाटिल को किया फोन

यूपीए सरकार के दौरान प्रतिभा पाटिल राष्ट्रपति और और मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, जबकि देवेगौड़ा संयुक्त मोर्चा सरकार के दौरान प्रधानमंत्री थे, जिसे कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। देवेगौड़ा की पार्टी जनता दल (सेक्युलर) मौजूदा राजग का हिस्सा है और उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी मोदी सरकार में इस्पात और भारी उद्योग मंत्री बनाये गये हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल में 72 सदस्यीय मंत्रिपरिषद ने रविवार को शपथ ली थी। जिनके विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। सोमवार शाम को मंत्रियों को उनके-उनके विभाग सौंपे गए। राजनाथ सिंह को रक्षा, अमित शाह को गृह एवं सहकारिता, नितिन गडकरी को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जेपी नड्डा को स्वास्थ्य और शिवराज सिंह चौहान को कृषि मंत्रालय का जिम्मा मिला। इनके अलावा सरकार में शामिल सभी मंत्रियों को उनकी जिम्मेदारी सौंप दी गई।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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