देश

चोल मंदिर में पूजा, राजेंद्र चोल-प्रथम की याद में जारी किया सिक्का, भक्ति भाव में तल्लीन दिखे PM मोदी, Video

यह उत्सव राजेंद्र चोल की दक्षिण पूर्व एशिया की समुद्री यात्रा के 1,000 वर्ष पूरे होने तथा गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर के निर्माण की शुरुआत की भी याद में आयोजित किया गया। यह मंदिर चोल वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण माना जाता है। आदि तिरुवथिरई महोत्सव 23 जुलाई को शुरू हुआ था

Image

चोल मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। तस्वीर-ANI

Photo : ANI

Gangaikonda Cholapuram Temple : तमिलनाडु में अरियालुर जिले के छोटे से गांव गंगईकोंडा चोलपुरम में प्रतिष्ठित चोल राजा राजेंद्र चोल- प्रथम की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा चोल शैव और मंदिर वास्तुकला पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और राजा की याद में सिक्का जारी किया। समारोह से पहले प्रधानमंत्री हेलीपैड से मंदिर तक रोड शो किया। प्रधानमंत्री ने चोलापुरम मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

समारोह में चोल मंदिर की तस्वीर और स्मृति चिन्ह भेंटकर पीएम मोदी को सम्मानित किया गया। इस मौके पर वहां बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

'पूर्ण कुंभम’ के साथ पीएम का स्वागत किया

मंदिर के पुजारियों ने पारंपरिक तरीके से ‘पूर्ण कुंभम’ के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। वेष्टि (धोती), सफेद कमीज और गले में अंगवस्त्र पहने प्रधानमंत्री ने मंदिर के भीतरी गलियारे की परिक्रमा की। यह मंदिर यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन) धरोहर स्थल के तौर पर सूचीबद्ध चोल साम्राज्य काल के मंदिरों में से एक है। प्रधानमंत्री ने चोल शैव धर्म और वास्तुकला पर आधारित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की एक प्रदर्शनी भी देखी। मोदी दो दिवसीय दौरे के तहत तमिलनाडु में हैं।

वास्तुकला का शानदार उदाहरण है चोल मंदिर

बता दें कि यह उत्सव राजेंद्र चोल की दक्षिण पूर्व एशिया की समुद्री यात्रा के 1,000 वर्ष पूरे होने तथा गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर के निर्माण की शुरुआत की भी याद में आयोजित किया गया। यह मंदिर चोल वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण माना जाता है। आदि तिरुवथिरई महोत्सव 23 जुलाई को शुरू हुआ था और 27 जुलाई यानी रविवार को इसका समापन हुआ। शिवाचार्य और ओथुव (शिव भजन के गायन में पारंगत) शैव भजन गाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैला था चोल साम्राज्य

समारोह में तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि, वित्त मंत्री टी थेनारासु, हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ निधि मंत्री पी.के. शेखर बाबू, परिवहन मंत्री एस.एस. शिवशंकर और केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन भी उपस्थित थे। राजेंद्र चोल प्रथम के नेतृत्व में चोल साम्राज्य ने दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपना प्रभाव बढ़ाया। उन्होंने अपने विजयी अभियानों के बाद गंगईकोंडा चोलपुरम को अपनी शाही राजधानी के रूप में स्थापित किया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article