PM Modi Assam Visit: पीएम मोदी हमेशा से टेक्नोलॉजी के उपयोग कर समस्याओं के सामाधान की बात करते रहे हैं। शुक्रवार को जब वो असम पहुंचे तो यहां भी उन्होंने इसके उपयोग से समस्याओं का समाधान करने की अपील की। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के हीरक जयंती समारोह के समापन समारोह में जब पीएम मोदी शामिल हुए और उन्होंने इस कार्यक्रम को संबोधित किया तो उन्होंने न्याय प्रणाली की बेहतरी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल करने का सुझाव दिया।
क्या कहा पीएम मोदी ने
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गुवाहाटी हाईकोर्ट की 75 वर्ष की यह यात्रा एक ऐसे समय में पूरी हुई है, जब देश ने भी अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं। यह हमारे लिए अब तक के अनुभवों के सहेजने का भी समय है, नए लक्ष्यों के लिए जवाबदेही और जरूरी बदलावों का भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस दौरान पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि दूरदराज के इलाकों विशेषकर पूर्वोत्तर में न्याय प्रणाली को गति देने के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की जरूरत है।
आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस की वकालत
पीएम मोदी ने न्याय को आसान बनाने के लिए भारतीय अदालतों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग का आह्वान भी किया। पीएम ने कहा कि मौजूदा समय में कानूनी पेशे के लिए कानूनों के ज्ञान के साथ-साथ वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) तंत्र के साथ एआई का उपयोग आवश्यक है। पीएम मोदी ने कहा- "न्याय की सुगमता को और आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जा सकता है।"
आसान भाषा में हो कानून
पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि कानून को आम लोगों को समझ में आने वाली एक आसान भाषा में लिखा जाना चाहिए। संविधान निर्माता बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मोदी ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि आज बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती है। उन्होंने हमारे संविधान के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाई थी।
