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मामला तर्कसंगत नहीं- अजमेर दरगाह के लिए PM की चादर के खिलाफ SC में याचिका खारिज

उच्चतम न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अजमेर शरीफ दरगाह पर औपचारिक रूप से ‘चादर’ चढ़ाने से रोकने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने इसे तर्कसंगत नहीं मानते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो- PTI)

उच्चतम न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अजमेर शरीफ दरगाह पर औपचारिक रूप से ‘चादर’ चढ़ाने से रोकने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला तर्कसंगत नहीं है और इस पर किसी तरह की न्यायिक टिप्पणी की आवश्यकता नहीं बनती।

याचिका में क्या-क्या

याचिका में केंद्र सरकार और उसके संस्थानों द्वारा सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और अजमेर शरीफ दरगाह को दिए जा रहे राज्य प्रायोजित औपचारिक सम्मान और प्रतीकात्मक मान्यता को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि प्रधानमंत्री द्वारा दरगाह पर ‘चादर’ चढ़ाने की परंपरा की शुरुआत वर्ष 1947 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी, जो तब से बिना किसी स्पष्ट कानूनी या संवैधानिक आधार के जारी है।

याचिकाकर्ता का दावा

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता बरुन सिन्हा ने अदालत को बताया कि इस मामले से जुड़ा एक दीवानी मुकदमा निचली अदालत में लंबित है, जिसमें यह दावा किया गया है कि अजमेर दरगाह का निर्माण एक प्राचीन शिव मंदिर के खंडहरों पर किया गया था। इस पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि रिट याचिका के खारिज होने का उस दीवानी मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा और याचिकाकर्ता वहां उचित राहत के लिए अपनी कानूनी लड़ाई जारी रख सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने दलीलों को किया खारिज

हिंदू संगठनों से जुड़े याचिकाकर्ताओं जितेंद्र सिंह और विष्णु गुप्ता ने अपनी याचिका में कहा था कि वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को दिए जा रहे राज्य प्रायोजित सम्मान और संरक्षण की परंपरा से असहमत हैं। उनका दावा था कि ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार चिश्ती विदेशी आक्रमणों से जुड़े थे, जो भारत की संप्रभुता और सभ्यतागत मूल्यों के विपरीत है। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने इन दलीलों को सुनवाई योग्य नहीं मानते हुए याचिका खारिज कर दी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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