Dwarka city : भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा, वृंदावन सहित पूरे ब्रज मंडल को आपने देखा होगा लेकिन भगवान कृष्ण की ओर से बसाई गई नगरी द्वारका के बारे में अब तक केवल आपने सुना है। इस नगरी को देख नहीं पाया है। मान्यता है कि भगवान की बसाई यह नगरी समुद्र में डूब गई। इसे देखने की आपकी इच्छा अब जल्द पूरी होने जा रही है। दरअसल, गुजरात सरकार अरब सागर में 'यात्री पनडुब्बी' की शुरुआत करने जा रही है। इसके लिए राज्य के पर्यटन विभाग का एक एमओयू भारत सरकार की कंपनी मझगांव डॉक शिपयार्ड के साथ हो चुका है।
मझगांव डॉक करेगा संचालन
रिपोर्टों के मुताबिक इस 'यात्री पनडुब्बी' का संचालन मझगांव डॉक ही करेगा। समुद्र में जाने के लिए एक जेटी भी तैयार की जाएगी, यात्री यहीं से पनडुब्बी में सवार हो सकेंगे। इस सेवा की शुरुआत जन्माष्टमी या दीपावली से हो सकती है। यात्रियों को लेकर यह पनडुब्बी समुद्र में 300 फीट नीचे उतरेगी। इस यात्रा में दो घंटे का समय लगेगा। इस धार्मिक पर्यटन के बारे में घोषणा वाइब्रेंट गुजरात समिट में होगी।
इस 'यात्री पनडुब्बी' का किराया अभी तय नहीं है लेकिन यह थोड़ा महंगा हो सकता है। बताया जा रहा है कि आम लोगों के लिए गुजरात सरकार कुछ सब्सिडी दे सकती है।
कैसी होगी सबमरीन
पूरी तरह से एसी पनडुब्बी का वजह 35 टन होगा और एक बार में इसमें 30 लोग बैठेंगे। साथ ही इसमें दो गोताखोर, एक गाइड,एक तकनीशियन भी सवार होंगे। समुद्र के भीतर का नजारा देखने के लिए पनडुब्बी के चारों तरफ विंडो मिरर शीट होगी। सबमरीन के अंदर ऑक्सीजन मास्क और फेस मास्क होगा। सबमरीन में बैठक कर आप समुद्र के अंदर जीव जंतु एवं अन्य हलचलों को देख सकेंगे।
सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
'यात्री पनडुब्बी' को लेकर लोगों में काफी उत्साह एवं रोमांच है। लोगों का कहना है कि इस सेवा का वे बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि केंद्र सरकार देश में धार्मिक एवं सांस्कृति पर्यटन का बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है। 'यात्री' पनडुब्बी का संचालन द्वारका कॉरिडोर का ही हिस्सा है।
