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'पार्श्वनाथ लैंडमार्क' के CEO संजीव जैन को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार, 60 किलोमीटर तक चला 'चूहे-बिल्ली' का खेल

Parsvnath Landmark CEO Arrest : पार्श्वनाथ डेवलपर्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ संजीव जैन को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया। उन्हें गिरफ्तार करने से पहले दिल्ली पुलिस को 60 किलोमीटर तक उनका पीछा करना पड़ा।

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पार्श्वनाथ लैंडमार्क के सीईओ संजीव जैन गिरफ्तार

KEY HIGHLIGHTS
  1. पार्श्वनाथ लैंडमार्क डेवलपर्स के निदेशक और सीईओ संजीव जैन गिरफ्तार
  2. उपभोक्ता आयोग के समक्ष पेश नहीं होने पर जैन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था
  3. दिल्ली पुलिस और संजीव जैन के बीच करीब 60 किलोमीटर तक 'चूहे-बिल्ली' का खेल चलता रहा

Parsvnath Landmark CEO Sanjiv Jain Arrest: पार्श्वनाथ डेवलपर्स की सहायक कंपनी पार्श्वनाथ लैंडमार्क डेवलपर्स के निदेशक और सीईओ संजीव जैन को रविवार को 60 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद गिरफ्तार किया गया, दिल्ली पुलिस ने बताया। 18 जुलाई को उपभोक्ता आयोग के समक्ष पेश नहीं होने पर जैन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।

पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि संजीव जैन भारत से भागने की कोशिश कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और पार्श्वनाथ लैंडमार्क डेवलपर के सीईओ का पीछा करना शुरू कर दिया।

60 किलोमीटर तक चूहे-बिल्ली का खेल चलता रहा

दिल्ली पुलिस और संजीव जैन के बीच करीब 60 किलोमीटर तक 'चूहे-बिल्ली' का खेल चलता रहा। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने के बावजूद जैन भागने की कोशिश में एयरपोर्ट तक पहुंचने में कामयाब रहे पर आखिरकार दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर ही लिया।

उन्हें राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष पेश किया गया

संजीव जैन को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष पेश किया गया। पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेन्द्र चौधरी ने बताया, 'राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष उपस्थित न होने पर सीईओ के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद शनिवार को शाहदरा की एसटीएफ टीम ने आईजीआई हवाई अड्डे से जैन को गिरफ्तार किया।'

18 जुलाई को जैन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के संयुक्त रजिस्ट्रार ने 18 जुलाई को जैन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। शिकायतकर्ता रजत बब्बर और दूसरे पक्ष तथा जैन के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब जैन ने 2017 में शिकायत दर्ज कराई। जैन के खिलाफ शाहदरा पुलिस स्टेशन में कम से कम चार गैर-जमानती वारंट और एक जमानती वारंट लंबित थे। बयान में कहा गया है, 'जैन के खिलाफ शाहदरा पुलिस स्टेशन में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के चार गैर-जमानती वारंट और एक जमानती वारंट लंबित थे।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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